सैन्य खुफिया विभाग अधिकारी पर हमला शांति वार्ता को पटरी से उतारने के लिए किया गया ‘आतंकी कृत्य’: रूस

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सैन्य खुफिया विभाग अधिकारी पर हमला शांति वार्ता को पटरी से उतारने के लिए किया गया ‘आतंकी कृत्य’: रूस

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 10:22 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 10:22 PM IST

मॉस्को, छह फरवरी (एपी) रूस की राजधानी मॉस्को में एक अज्ञात हमलावर ने सैन्य खुफिया विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर एलेक्सेव को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर हुए हमले को यूक्रेन की ओर से शांति वार्ता को पटरी से उतारने के इरादे से किया गया एक स्पष्ट “आतंकवादी कृत्य” करार दिया। हालांकि, यूक्रेन ने इस हमले को लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर गोलीबारी की यह घटना यूक्रेन में लगभग चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए रूसी, यूक्रेनी और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच अबू धाबी में संपन्न दो दिवसीय वार्ता के एक दिन बाद हुई है। इस वार्ता में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सैन्य खुफिया विभाग के प्रमुख और लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव के सीनियर एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव ने किया था।

जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेत्रेंको ने एक बयान में कहा कि मॉस्को के उत्तर-पश्चिम में स्थित एक अपार्टमेंट में एक अज्ञात हमलावर ने लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव को कई गोलियां लगी हैं और उनका मॉस्को के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

पेत्रेंको ने यह नहीं बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर हमले के पीछे किसका हाथ हो सकता है। हालांकि, अतीत में रूस के कई सैन्य एवं खुफिया अधिकारियों पर जानलेवा हमले हुए हैं, जिनके लिए मॉस्को ने यूक्रेन को कसूरवार ठहराया है।

लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव साल 2011 से रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के प्रथम उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें सीरिया में मॉस्को के सैन्य अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए ‘हीरो ऑफ रूस’ पदक से सम्मानित किया गया था।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हमले के बारे में सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है।

इस बीच, विदेश मंत्री लावरोव ने लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर हुए हमले के बारे में कहा कि जांच को आगे बढ़ाना कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर निर्भर करेगा, लेकिन यह स्पष्ट रूप से यूक्रेन की ओर से शांति वार्ता को पटरी से उतारने के इरादे से किया गया “आतंकवादी कृत्य” है।

रूसी अखबार ‘कॉमरसेंट’ की खबर में कहा गया है कि हमलावर एक ऑनलाइन कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव के अपार्टमेंट पहुंचा और गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे उनके हाथ और पैर में गोली लगी।

खबर के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव ने बंदूक छीनने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान हमलावर ने उनके सीने में गोली मार दी और वहां से भाग गया।

यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूसी अधिकारियों ने रूस में कई सैन्य अधिकारियों और सार्वजनिक हस्तियों की हत्याओं के लिए कीव को दोषी ठहराया है। यूक्रेन ने इनमें से कुछ हत्याओं की जिम्मेदारी भी ली है। हालांकि, उसने अभी तक लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सेव पर हुई गोलीबारी के सिलसिले में कोई टिप्पणी नहीं की है।

पिछले साल दिसंबर में रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के परिचालन प्रशिक्षण निदेशालय के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवरोव की एक कार बम हमले में मौत हो गई थी। इससे पहले, अप्रैल 2025 में जनरल स्टाफ में मुख्य परिचालन विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की मॉस्को में उनके अपार्टमेंट के बाहर खड़ी कार में हुए विस्फोट में मौत हो गई थी।

दिसंबर 2024 में रूसी सेना के परमाणु, जैविक और रासायनिक सुरक्षा बलों के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की उनके अपार्टमेंट के बाहर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर में हुए विस्फोट में मौत हो गई थी। यूक्रेन के सुरक्षा विभाग ने किरिलोव पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी।

एपी पारुल अविनाश

अविनाश