(अदिति खन्ना)
लंदन, नौ मार्च (भाषा) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप ने ईरान पर हुए हमलों को लेकर ब्रिटेन की प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की थी।
ट्रंप ने स्टॉर्मर की उस योजना को सोशल मीडिया पर खारिज कर दिया था, जिसमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने युद्ध क्षेत्र में अपना विमानवाहक पोत भेजने की बात कही थी। ट्रंप ने इसे पहले से “जीते हुए युद्ध में शामिल होने की कोशिश” बताया था।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने ट्रंप-स्टॉर्मर के बीच रविवार को हुई बातचीत का ब्योरा जारी किया है। इसे ब्रिटेन और अमेरिका के बीच तथाकथित “विशेष संबंधों” को सामान्य करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा, “ दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय साझेदारों की सामूहिक आत्मरक्षा के समर्थन में आरएएफ (रॉयल एयर फोर्स) के ठिकानों के इस्तेमाल के जरिए ब्रिटेन-अमेरिका के सैन्य सहयोग पर चर्चा की।”
प्रवक्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री स्टॉर्मर ने छह अमेरिकी सैनिकों की मौत पर राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी जनता के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। दोनों नेताओं ने जल्द फिर से बातचीत करने की उम्मीद जताई।
इस बीच, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसके दो विमानवाहक पोतों में से एक को उन्नत तत्परता की स्थिति में रखा गया है, और पोर्ट्समाउथ में लंगर डाले खड़े एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के चालक दल को बताया गया है कि उन्हें कुछ ही दिनों में रवाना होने के लिए तैयार रहना होगा।
उधर ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ ब्रिटेन, जो कभी हमारा महान सहयोगी रहा है-शायद सबसे महान-अब आखिरकार पश्चिम एशिया में दो विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। कोई बात नहीं, प्रधानमंत्री स्टॉर्मर, हमें अब उनकी जरूरत नहीं है- लेकिन हम इसे याद रखेंगे। हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हों! ”
ईरान पर इजराइल के संयुक्त हमलों में ब्रिटेन के ठिकानों के इस्तेमाल से संबंधित एक सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमें इनकी (ब्रिटेन के विमानवाहक पोतों की) आवश्यकता नहीं है। अभी सही समय नहीं है। दो हफ्ते पहले इनका होना अच्छा होता।’’
स्टॉर्मर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में अधिक रक्षात्मक रुख अपनाने के अपने फैसले का दृढ़ता से बचाव करते हुए सोमवार को एक बार फिर कहा कि उनकी लेबर पार्टी सरकार ब्रिटिश नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है।
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