बांग्लादेश में किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी : रहमान

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बांग्लादेश में किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी : रहमान

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 08:41 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 08:41 PM IST

ढाका, 14 फरवरी (भाषा) बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने बांग्लादेश में “किसी भी कीमत पर” कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए शनिवार को कहा कि 13वें आम चुनाव ने सुरक्षित व मानवता का सम्मान करने वाला बांग्लादेश बनाने के लिए एक नया रास्ता खोला है।

रहमान देश के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। वह अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे।

उन्होंने दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के पुनरुद्धार और अपनी सरकार की विदेश नीति को “बांग्लादेश तथा उसके लोगों के व्यापक हितों” तय करने की बात भी कही।

रहमान की बीएनपी ने बृहस्पतिवार को हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में शुक्रवार को दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की।

संसदीय चुनावों में भारी जीत के एक दिन बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में 60 वर्षीय रहमान ने कहा, “हमारे रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा। मैं दृढ़ता से मानता हूं कि राष्ट्रीय एकता हमारी सामूहिक ताकत है, जबकि विभाजन हमारी कमजोरी।”

उन्होंने कहा, “आज से हम सभी स्वतंत्र हैं, स्वतंत्रता और अधिकारों की वास्तविक भावना बहाल हो गई है।”

रहमान ने कहा कि हालांकि शांति और कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखनी होगी।

उन्होंने कहा, “हम किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 13वें संसदीय चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 15 वर्ष से अधिक समय तक शासन करने वालीं शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था, जिसके बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी हुए थे।

रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी चीन, भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों में देश के हितों की रक्षा करने वाली विदेश नीति अपनाएगी।

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की विदेश नीति ‘बांग्लादेश और उसके लोगों के व्यापक हितों’ के हिसाब से तय होगी।”

‘बेल्ट एंड रोड’ पहल और चीन के साथ भविष्य के संबंधों पर उन्होंने कहा, “यदि कोई चीज बांग्लादेश के हित में नहीं है, तो स्वाभाविक रूप से हम उसे आगे नहीं बढ़ा सकते। मुझे विश्वास है कि पारस्परिक हित हमारी पहली प्राथमिकता होंगे।”

रहमान ने दक्षेस को पुनर्जीवित करने की बात करते हुए कहा, “ दक्षेस (सार्क) की स्थापना बांग्लादेश की पहल पर हुई थी। हम चाहते हैं कि यह सक्रिय रूप से कार्य करे। हम अपने मित्र देशों के साथ चर्चा करेंगे और दक्षेस को पुनर्जीवित करने का प्रयास करेंगे।”

करीब दो दशकों तक राजनीतिक वनवास झेलने के बाद बीएनपी दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है।

पाकिस्तान की करीबी मानी जाने वाली और 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध करने वाली बीएनपी की पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है। निवर्तमान अंतरिम सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री हसीना की अवामी लीग के चुनाव में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

रहमान ने कहा कि देश अब एक ऐसी स्थिति में नयी यात्रा शुरू करने जा रहा है, जहां “एक निरंकुश शासन की छोड़ी हुई कमजोर अर्थव्यवस्था, कमजोर संविधान व संस्थाएं, तथा ध्वस्त कानून-व्यवस्था” मौजूद है।

उन्होंने कहा, “आपकी स्वत:स्फूर्त भागीदारी से डेढ़ दशक से अधिक समय बाद देश में प्रत्यक्ष मतदान के जरिए जनता के प्रति जवाबदेह संसद और सरकार की पुनर्स्थापना हुई है।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें एकजुट रहना होगा और जनता की इच्छा को ध्यान में रखना होगा, ताकि कोई भी दुष्ट शक्ति देश में फिर से निरंकुश शासन स्थापित न कर सके।”

उन्होंने कहा, “सुरक्षित और मानवता का सम्मान करने वाले बांग्लादेश के निर्माण के लिए हमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है। इस बार देश के पुनर्निर्माण में हर किसी को जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।”

रहमान ने कहा, “किसी भी बहाने से किसी के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता। कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखनी होगी।”

बीएनपी नेता ने कहा कि देश के स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों ने बीएनपी को विजयी बनाया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को “जनता की जीत” बताया।

उन्होंने कहा, “आज से सभी स्वतंत्र हैं। सभी को बधाई। सभी की भागीदारी से देश में फासीवाद-मुक्त सरकार की यात्रा शुरू हो गई है।”

उन्होंने कहा, “राष्ट्र निर्माण के लिए सभी के विचार महत्वपूर्ण हैं। हम सभी की राय के आधार पर देश का निर्माण करेंगे।”

उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक राज्य और राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दल लोकतंत्र के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं।”

हालांकि, उन्होंने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध हटाने के अपने रुख पर कुछ नहीं कहा।

उन्होंने बताया कि चुनाव में करीब 50 राजनीतिक दलों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा, “राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में आपके (दलों के) विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।”

ब्रिटेन में 17 वर्षों के निर्वासन से लौटने के कुछ ही दिन बाद शुरू हुए चुनाव प्रचार के दौरान रहमान ने उकसाऊ बयानबाजी से परहेज करते हुए संयम व सुलह का आह्वान किया था।

निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, बीएनपी ने 297 में से 209 सीट जीतीं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीट पर जीत मिलीं। हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप