लंदन, 14 फरवरी (एपी) रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी को ‘डार्ट मेंढकों’ की त्वचा से निकाले गए घातक जहर से मारा गया था। पांच यूरोपीय देशों ने शनिवार को यह दावा किया।
उन्होंने इसके लिए रूस की सरकार (क्रेमलिन) को दोषी ठहराया।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड के विदेश मंत्रालयों ने कहा कि दो साल पहले जान गंवाने वाले नवलनी के नमूनों के विश्लेषण से ‘एपाइबेटिडाइन की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।’
इन देशों के मुताबिक यह दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले जहरीले डार्ट मेंढकों में पाया जाने वाला एक विष है जो रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता है।
इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘रूस के पास इस जहर को फैलाने के साधन, मकसद और अवसर तीनों मौजूद थे।’’ उन्होंने कहा कि वे रासायनिक हथियार निषेध संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) से रूस की शिकायत करने जा रहे हैं, क्योंकि रूस ने रासायनिक हथियार संधि का उल्लंघन किया है।
ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा, ‘‘रूस नवलनी को एक खतरे के रूप में देखता था। इस प्रकार के जहर का इस्तेमाल करके रूसी सरकार ने अपने पास मौजूद घृणित साधनों और राजनीतिक विरोध के प्रति अपने अत्यधिक भय को प्रदर्शित किया।’’
नवलनी ने सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाया और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे कट्टर दुश्मन के रूप में क्रेमलिन विरोधी व्यापक प्रदर्शन किए। उनकी फरवरी 2024 में आर्कटिक स्थित कैदियों की कॉलोनी में मौत हो गई। वह 19 साल की सजा काट रहे थे, जिसके बारे में उनका मानना था कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित थी।
नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया ने पिछले साल दावा किया था कि दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं ने पाया है कि उनके पति को मौत से कुछ समय पहले जहर दिया गया था।
नवलनाया ने नवलनी की मौत के लिए बार-बार पुतिन को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि नवलनाया के दावों को रूसी अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया।
रूस के अधिकारियों ने दावा किया कि नवलनी टहलने के बाद बीमार पड़ गए और उनकी मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई।
नवलनी को 2020 में तंत्रिकातंत्र को नुकसान पहुंचाने वाला जहर दिया गया था। उन्होंने इसके लिए क्रेमलिन को दोषी ठहराया। हालांकि क्रेमलिन ने हर बार इन आरोपों को खारिज कर दिया।
एपी धीरज संतोष
संतोष