कोलंबो, दो अगस्त (भाषा) श्रीलंका के एक जेल अधिकार संगठन ने रविवार को महारा जेल में हुई हिंसक झड़प के लिए जेल में कैदियों की अत्यधिक संख्या को जिम्मेदार ठहराया। इस झड़प में एक कैदी की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए।
‘कमेटी फॉर द प्रोटेक्शन आफ प्रिजनर्स राइट्स’ (सीपीआरपी) के एक प्रवक्ता ने कहा कि महारा जेल की क्षमता 200 से भी कम कैदियों की है, लेकिन वहां 4,100 कैदियों को रखा गया था।
शनिवार शाम करीब चार बजे कैदियों के दो गुटों के बीच झड़प हुई, जो जल्द ही बढ़ गई।
पुलिस ने बताया कि झड़प में एक कैदी की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद बड़ी संख्या में कैदियों के परिजन अपने परिजनों का हाल जानने के लिए जेल के बाहर पहुंचे।
पुलिस उप महानिरीक्षक सजीवा मदावत्ता ने संवाददाताओं से कहा, “आज सुबह स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।”
जेल अधिकारियों ने बताया कि कुछ कैदियों को अन्य जेलों में स्थानांतरित किया गया है।
जेल के प्रवक्ता ए. सी. गजनायक ने कहा कि हिंसा पर उतारू कैदियों ने जेल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कैदियों ने मुख्य जेलर के कार्यालय में आग लगा दी तथा मुख्य द्वार और पुनर्वास कार्यालय पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस, विशेष कार्य बल, वायुसेना और नौसेना को तैनात किया गया।
इससे पहले जुलाई की शुरुआत में उत्तर-पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो जेल में भी इसी तरह की हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें कैदियों और जेल अधिकारियों समेत 33 लोगों की मौत हो गई थी।
भाषा अमित प्रशांत
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