दुबई, 11 जून (भाषा) ओमान बंदरगाह के पास 20 भारतीयों को ले जा रहे एक टैंकर पर हमले के बाद उसके चालक दल के सदस्यों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया। भारतीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पिछले चार दिनों में ओमान तट के पास अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले की यह तीसरी घटना है।
सोमवार को अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले एक तेल टैंकर को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। जहाज एमटी मेरिवेक्स के चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अमेरिका ने बुधवार को पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया, जिसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
बुधवार की घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब करके विरोध दर्ज कराया।
तीसरा हमला बृहस्पतिवार को गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर पर हुआ।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘ओमान के अधिकारियों के सहयोग से बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और भारतीय चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित रूप से तट पर पहुंचा दिया गया है। दूतावास आगे की कार्रवाई के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।’’
दूतावास ने इसके पहले पोस्ट में कहा था कि चालक दल के 22 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया है।
विदेश मंत्रालय ने बाद में पुष्टि की कि जहाज पर हमला हुआ था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में जहाजों से जुड़ी घटनाओं के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘ये हमले वहां तैनात अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए थे।’’
जायसवाल ने कहा, “हम अपने नौसैनिक समुदाय के कल्याण और सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व देते हैं।”
अमेरिकी मध्य कमान ने एक बयान में कहा कि उसने गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर को ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध का कथित तौर पर उल्लंघन करके ईरानी तेल परिवहन करने के प्रयास के आरोप में निष्क्रिय कर दिया।
कमान ने कहा कि चालक दल द्वारा ‘अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन न करने’ के बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हमला किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस सप्ताह हुई घटनाओं में शामिल दो जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत चल रहे थे, जबकि एक जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाली श्रेणी में था।
भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया और उसने इस मामले को अमेरिका के साथ मजबूती से उठाया है।
भाषा संतोष माधव
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