Reported By: Sakshi Tripathi
,Madhya Pradesh Weather News | Photo Credit: IBC24
भोपाल: Madhya Pradesh Weather News मार्च का महीना इस बार लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। पूरे महीने भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। वहीं अब अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है। दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में अभी भी गर्मी का दौर देखने को मिल रहा है। तो वहीं कई हिस्सों के मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बात करें मध्यप्रदेश की तो यहां मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 27 जिलों में भारी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है, जिसकी वजह से हालात तेजी से बदल रहे हैं। गवालियर, बैतूल और पन्ना समेत कई इलाकों में ओले के साथ जोरदार बारिश हुई, तो वहीं कई हिस्सों में बारिश हुई है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत 27 जिलों में आंधी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 50 से 60Km/प्रतिघंटा से हवा चलेंगी।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे में 42 शहरों में तेज आंधी दर्ज की गई है। दतिया जिले के लगभग दो दर्जन से अधिक गांव में भारी ओलावृष्टि हुई है बेर के आकार के ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सेवड़ा एवं भांडेर क्षेत्र के तमाम गांव में गेहूं की पककर तैयार खड़ी फसल बुरी तरह खेतों में गिर गई है । किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर दिखाई दे रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने सर्वे के निर्देश दिए हैं।
सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र की अटरा रोहरा, मंगरोल देभई सहित लगभा डेढ़ दर्जन गांव एवं भांडेर क्षेत्र की लगभग आधा दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है । ओलावृष्टि से किसानों को खेतों में पककर खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है । कलेक्टर ने टीम का गठन कर सर्वे के निर्देश दिए हैं।
वहीं बड़वानी में बदले मौसम के मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता अब बढ़ती नजर आ रही है वही कही ओले गिरे हैं तो कुछ इलाकों में बारिश हुई है।
दरअसल, बड़वानी शहर में हुई बे-मौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों पर संकट खड़ा कर दिया है। एक ओर आम नागरिकों को तपती गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी ओर किसान अपनी मेहनत पर पानी फिरने की आशंका से परेशान हैं खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की कुछ किसानों की फसल पर बारिश का सीधा असर पड़ सकता है। फसल की गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने का खतरा मंडरा रहा है वहीं डालर चना और मक्का जैसी फसलें भी इस बेमौसम बारिश से सुरक्षित नहीं हैं। नमी बढ़ने से गेहूं और डालर चने के दाने खराब होने और फसल के सड़ने की संभावना बनी हुई है।
हमने जब कुछ किसानों से फोन पर बात की तो बताया कि बारिश तो अच्छी है, लेकिन इस समय नहींअब फसल तैयार है, अगर और पानी गिरा तो काफी नुकसान हो सकता है किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है जहां एक ओर मौसम ने लोगों को राहत दी है, वहीं किसानों के लिए ये राहत अब चिंता में बदलती जा रही है जिले के कई इलाकों में गेहूं की फसल कट चुकी है, लेकिन अभी उसे खेतों से निकालना बाकी है।
ऐसे में बारिश होने से फसल के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है वहीं कुछ जगहों पर गेहूं कटने के बाद बचा चारा भी खेतों में पड़ा हुआ है। बारिश की वजह से चारा गीला हो गया है, जिससे किसानों के सामने मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है इसके अलावा, गर्मी के मौसम में बोई गई मूंग की फसल अब फूल पर है। ऐसे संवेदनशील समय में हुई बारिश से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है किसानअचानक बारिश से सबसे ज्यादा दिक्कत चारे की हो रही है, अगर ये खराब हो गया तो मवेशियों को खिलाने के लिए कुछ नहीं बचेगा किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह खराब रहा, तो उन्हें फसल के साथ-साथ पशुपालन में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।