Vande Bharat IBC24 News: Gen-Z पर लाठीचार्ज तो राज्यसभा में भिड़े नेता.. कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी ये मांगे, लेकिन खरगे ने क्यों किया ‘मनुस्मृति’ का जिक्र?.. जानें..
राज्यसभा में पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब या इस्तीफे की मांग की और पांच प्रमुख मांगें सदन के सामने रखीं।
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- खरगे ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घेरा।
- गृह मंत्री से जवाब या इस्तीफे की मांग उठाई।
- मनुस्मृति टिप्पणी पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ।
नई दिल्ली: देश में इस वक्त क्या ट्रेंड कर रहा है। जवाब है Gen-Z, जिसने देश में एक आंदोलन को अपने तरीके से खड़ा किया और अपने बूते पर कामयाब किया। (Vande Bharat IBC24 News) तो आज के वंदे भारत की शुरुआत उसी Gen-Z के पेपरलीक मुद्दे पर, राज्यसभा में हुए हंगामे की खबर से।
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राज्यसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए बल प्रयोग के लिए सीधे-सीधे देश के गृह मंत्री को जिम्मेदार बता दिया। खरगे ने अमित शाह का इस्तीफा मांगा। कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आकांक्षाओं पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। विपक्ष के नेता ने सदन में सरकार के सामने 5 मांगें रखीं।
इनमें देश में परीक्षा का एक फिक्स्ड एनुअल कैलेंडर हो। दूसरा, पेपरलीक मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनी हाई पावर कमेटी को सौंपी जाए। तीसरा, पब्लिक सेक्टर और सरकारी संस्थानों में खाली पदों पर भर्ती हो। चौथा, लॉ एंड ऑर्डर, लाठीचार्ज और मारपीट की जांच होनी चाहिए। (Vande Bharat IBC24 News) पांचवां, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट-गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब दें या इस्तीफा दें।
इसके साथ ही मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में शैक्षणिक संस्थाओं पर RSS के दखल की बात कहते-कहते इसे ‘मनुस्मृति’ से जोड़कर ऐसा बयान दिया, जिस पर एक नया विवाद खड़ा हो गया। भारी बहस के बाद खरगे के बयान को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया गया।
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राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर खूब हंगामा हुआ। खड़गे ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति मानने वाले बढ़ गए हैं, इससे शूद्रों को पढ़ने का अधिकार छिन गया है। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। जिस पर सुधांशु त्रिवेदी ने बकायदा अंबेडकर की किताबों का जिक्र करते हुए जवाब दिया। हालांकि दोनों की स्पीच पर खूब हंगामा हुआ। इधर जेपी नड्डा ने टोकते हुए कहा कि खड़गे का बयान तथ्यों से परे है। (Vande Bharat IBC24 News) इससे अशांति फैल सकती है। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मनुस्मृति वाला बयान रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को जिंदा तिलिस्मात बता दिया, यानी उनका आशय था कि हर बीमारी की एक ही दवा।
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