नईदिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने लोकसभा में अपना बजट (Union Budget 2026) भाषण पढ़ना शुरू किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वीं बजट पेश कर रही हैं। संसद में उनका भाषण शुरू हो गया है। आम बजट में वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि देश में 22 नए जलमार्ग बनाए जाएंगे। अगले 5 साल में देश में 5 जलमार्ग बनेंगे। ओडिशा, यूपी में शिपबेस ट्रांसपोर्टेशन पर जोर रहेगा।
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है।
बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी में भी हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे। 5 वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए ₹20 हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
गौरतलब है कि एक फरवरी यानि देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दिन आज को माना जाता है। क्योंकि आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार के इस बजट पर टिकी हैं। निवेशक इस बात पर नजर लगाए हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है।
आपको बता दें कि यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी। वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती भी सामने है। आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग मजबूत हुई है, फिलहाल, हर वर्ग जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में क्या होने वाला है।