नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) भारतीय एयरलाइंस से मई महीने में कुल 1.53 करोड़ यात्रियों ने घरेलू सफर किया जो अप्रैल के 1.38 करोड़ यात्रियों से 11 प्रतिशत अधिक है। मंगलवार को आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
सालाना आधार पर भी घरेलू हवाई यातायात में 9.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक, मई में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी घटकर 64.9 प्रतिशत रह गई जबकि एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़कर 25.6 प्रतिशत हो गई। अकासा एयर की हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि स्पाइसजेट की हिस्सेदारी घटकर 2.5 प्रतिशत रह गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मई 2026 के दौरान घरेलू एयरलाइंस से कुल 729.40 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 715.70 लाख थी। इस तरह इस अवधि में 1.91 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
समय पर उड़ानों के संचालन के मामले में मई के दौरान 10 प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो 82.8 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रही। इसके बाद अकासा एयर (78.3 प्रतिशत) और एयर इंडिया समूह (74.5 प्रतिशत) का स्थान रहा।
एलायंस एयर की उड़ान समयबद्धता 70.5 प्रतिशत रही, जबकि स्पाइसजेट का प्रदर्शन सिर्फ 26.5 प्रतिशत रहा।
मई में घरेलू एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने की दर 0.55 प्रतिशत रही। इस दौरान 63,723 यात्री उड़ान रद्द होने से प्रभावित हुए और एयरलाइंस ने मुआवजे एवं सुविधाओं पर 70.32 लाख रुपये खर्च किए।
वहीं, उड़ानों में देरी का असर 1.77 लाख से अधिक यात्रियों पर पड़ा। इसके अलावा, महीने के दौरान 900 यात्रियों को विमान में सवार होने से रोका गया।
भाषा यासिर प्रेम
प्रेम