(Amazon Flipkart Cancellation Rules/ Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Amazon Flipkart Cancellation Rules: फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले Amazon और Flipkart ने अपने सेलर्स के लिए ऑर्डर कैंसिलेशन (Amazon Flipkart Cancellation Rules) और देरी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से ऑर्डर की संख्या भी तेजी से बढ़ती है। ऐसे में दोनों कंपनियों ने सेलर्स पर ज्यादा जिम्मेदारी तय की है। नए नियमों का असर सीधे सेलर्स पर पड़ेगा और ग्राहकों को समय पर ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।
Amazon ने Easy Ship और Self Ship सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले सेलर्स के लिए नया कैंसिलेशन फीस (Amazon Flipkart Cancellation Rules) स्ट्रक्चर लागू किया है। यह बदलाव 17 अगस्त से प्रभावी है। अब फीस रेफरल चार्ज के आधार पर नहीं, बल्कि कैंसिल किए गए ऑर्डर की कीमत के हिसाब से तय होगी। 10,000 रुपये से कम के ऑर्डर पर 10 फीसदी, 10,001 से 50,000 रुपये तक पर 8 फीसदी, 50,001 से 1 लाख रुपये तक पर 5 फीसदी और 1 लाख रुपये से ज्यादा के ऑर्डर पर 2 फीसदी फीस लगेगी।
अगर ग्राहक ने ऑर्डर कैंसिल करने को नहीं कहा है और सेलर खुद ऑर्डर रद्द करता है तो फीस लग सकती है। इसके अलावा तय समयसीमा में ऑर्डर डिस्पैच नहीं करने और अगले 24 घंटे में भी इसकी पुष्टि नहीं करने पर Amazon ऑर्डर कैंसिल कर सकता है। महंगे सामान के मामले में कीमत के आधार पर लगने वाला चार्ज सेलर के लिए काफी बड़ा हो सकता है।
Flipkart ने सेलर्स के लिए अलग पेनल्टी सिस्टम लागू किया है। तय डिस्पैच तारीख तक ऑर्डर लॉजिस्टिक्स पार्टनर को नहीं सौंपने पर 30 रुपये का चार्ज लगेगा। ग्राहक का ऑर्डर मिलने के बाद सेलर द्वारा कैंसिल करने पर 60 रुपये की पेनल्टी होगी। वहीं, डिस्पैच की समयसीमा बीतने के बाद ऑर्डर कैंसिल करने पर 90 रुपये तक का चार्ज लगाया जा सकता है।
नए नियमों से फेस्टिव सेल के दौरान ग्राहकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सख्त पेनल्टी के कारण सेलर्स के लिए बिना वजह ऑर्डर कैंसिल (Amazon Flipkart Cancellation Rules) करना महंगा होगा। इससे आखिरी समय पर कैंसिलेशन कम हो सकते हैं। साथ ही सेलर्स को स्टॉक की जानकारी समय पर अपडेट करनी होगी, जिससे ग्राहकों को ऑर्डर रद्द होने की समस्या कम देखने को मिल सकती है।