अपीलीय न्यायाधिकरण ने फ्रैंकलिन टैम्पलटन के विवेक कुदवा, पत्नी पर पाबंदी के सेबी आदेश पर रोक लगायी

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अपीलीय न्यायाधिकरण ने फ्रैंकलिन टैम्पलटन के विवेक कुदवा, पत्नी पर पाबंदी के सेबी आदेश पर रोक लगायी

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  • Publish Date - July 2, 2021 / 02:05 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:50 PM IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन एशिया प्रशांत (एपीएसी) प्रमुख विवेक कुदवा और उनकी पत्नी रूपा को एक साल के लिये प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित करने के सेबी के आदेश पर रोक लगा दी है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पिछले महीने ऐसी जानकारी जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया है, के आधार पर फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं के कुछ यूनिट भुनाने को लेकर दंपती पर बाजार में कारोबार पर रोक लगाई थी।

सेबी के अनुसार गैर-सार्वजनिक सूचना के आधार पर उन्होंने अपने यूनिट 20 मार्च से आठ अप्रैल, 2020 के दौरान भुनाये। उन्होंने 23 अप्रैल, 2020 को यूनिट बंद होने से पहले ये कदम उठाये।

दोनों पर यह आरोप है कि उन्होंने अपने म्यूचुअल फंड यूनिट वैसे समय भुनाये जब योजना पर यूनिट भुनाये जाने को लेकर पहले से दबाव था। अंतत: इसी वजह से योजना को 23 अप्रैल, 2020 को समेटना पड़ा।

साथ ही नियामक ने दंपती पर कुल 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, उनसे फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ योजनाओं के भुनाए गए 22.64 करोड़ रुपये को एक एस्क्रो खाते (विशेष उद्देश्य के लिये बनाया गया खाता) में रखने के लिए कहा गया था।

सेबी के इस आदेश के खिलाफ दंपती ने अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर की थी।

सैट ने बृहस्पतिवार को एक आदेश में कहा कि सेबी के आदेश पर अपील के लंबित रहने तक रोक रहेगी। जहां तक ​​भुनायी गयी राशि को एस्क्रो खाते में रखने के निर्देश हैं, वह निर्देश जारी रहेगा।

जुर्माने के बारे में न्यायाधिकरण ने उन्हें जुर्माना राशि का 50 प्रतिशत तीन सप्ताह के भीतर जमा करने को कहा।

न्यायाधिकरण ने सेबी को जवाब दाखिल करने के लिये चार सप्ताह का समय दिया है। उसके बाद प्रतिवादी चार सप्ताह बाद अपना पक्ष लिखित में जमा कर सकता है।

मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त, 2021 को होगी।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर