नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को फुटवियर यानी जूता-चप्पल क्षेत्र से जुड़े दो गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) में संशोधन करते हुए पुराने स्टॉक की निकासी की समयसीमा एक वर्ष बढ़ाकर 31 जुलाई, 2027 कर दी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि फुटवियर उत्पादों की बिक्री काफी हद तक मौसमी होती है और उनका भंडार अक्सर एक बिक्री चक्र से अधिक समय तक आपूर्ति श्रृंखला में बना रहता है। ऐसे में अतिरिक्त एक वर्ष का समय निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को मौजूदा स्टॉक को व्यवस्थित ढंग से निकालने में मदद करेगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले से अनुपालन का बोझ कम होगा, कारोबार में व्यवधान घटेगा और इसके बाद बाजार में केवल भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) प्रमाणित फुटवियर ही बेचे जाएंगे।
यह संशोधन ‘चमड़े और अन्य सामग्री से बने फुटवियर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024’ तथा ‘सभी रबड और सभी पॉलिमरिक सामग्री तथा उनके घटकों से बने फुटवियर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024’ में किया गया है।
संशोधन के तहत पुराने स्टॉक की निकासी की समयसीमा 31 जुलाई, 2026 से बढ़ाकर 31 जुलाई, 2027 कर दी गई है।
संशोधनों में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए नमूनों के आयात को भी छूट दी गई है। चमड़ा और फुटवियर उत्पाद बनाने वाली कंपनियां अनुसंधान एवं विकास तथा अन्य गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए सालाना अधिकतम 4,500 जोड़ी फुटवियर आयात कर सकेंगी।
भाषा योगेश अजय
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