(Income Tax 2026/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Income Tax 2026: आयकर विभाग अब ITR फाइलिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमैटिक डेटा मैचिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इसका मकसद हर तरह की आय और लेन-देन पर नजर रखना है। ऐसे में वित्त वर्ष 2026-27 का ITR बिना सावधानी के भरना मुश्किलें बढ़ा सकता है। अगर आपकी जानकारी में कोई भी गड़बड़ी मिली तो टैक्स नोटिस मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AIS (Annual Information Statement) को ध्यान से जांचना बहुत जरूरी है। इसमें आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, निवेश, प्रॉपर्टी और टैक्स कटौती (TDS) की पूरी जानकारी होती है। कई बार इसमें गलत या अधूरी जानकारी भी हो सकती है। इसलिए इसे फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों से मिलाकर ही ITR फाइल करना चाहिए।
अगर AIS और आपके ITR में थोड़ा भी अंतर पाया गया तो विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। कई लोग बिना जांच किए ITR सबमिट कर देते हैं जिससे समस्या बढ़ जाती है। सैलरी, ब्याज या TDS जैसी जानकारी में मामूली अंतर भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए हर डिटेल को ध्यान से भरना जरूरी है।
सबसे आम गलतियों में सैलरी का गलत विवरण, बैंक ब्याज छिपाना या भूलना और TDS का गलत दावा शामिल है। इसके अलावा बड़े लेन-देन जैसे निवेश, प्रॉपर्टी खरीद या शेयर बाजार के ट्रांजैक्शन भी AIS में दिखते हैं। अगर ये आपकी घोषित आय से मेल नहीं खाते तो जांच शुरू हो सकती है।
शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने पर होने वाले कैपिटल गेन को सही तरीके से दिखाना जरूरी है। गलत जानकारी देने पर टैक्स विभाग कार्रवाई कर सकता है। वहीं कारोबारियों के लिए GST रिटर्न और ITR के आंकड़ों का मिलान बहुत जरूरी है। किसी भी अंतर को AI सिस्टम तुरंत पकड़ सकता है। इसलिए सब कुछ सही और स्पष्ट रखना जरूरी है।