Petrol Diesel Price 31 March 2026: 5 रुपए 30 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल की कीमतों में भी हुआ बड़ा बदलाव, अब एक लीटर के लिए देना होगा इतना

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Petrol Diesel Price 31 March 2026: 5 रुपए 30 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल की कीमतों में भी हुआ बड़ा बदलाव, अब एक लीटर के लिए देना होगा इतना

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 09:13 AM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 09:13 AM IST

Petrol Diesel Price 31 March 2026: 5 रुपए 30 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल की कीमतों में भी हुआ बड़ा बदलाव, अब एक लीटर के लिए देना होगा इतना / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा
  • पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़े कच्चे तेल के दाम
  • सरकारी कंपनियों ने नहीं बढ़ाए सामान्य ईंधन के दाम

नई दिल्ली: Petrol Diesel Price 31 March 2026:  देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ ने बृहस्पतिवार को पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपए और डीजल में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। रूस की ‘रोसनेफ्ट’ के स्वामित्व वाली इस कंपनी के देश भर में 6,967 पेट्रोल पंप हैं।

पेट्रोल 5.30 और डीजल 3 रुपए हुआ महंगा

Petrol Diesel Price 31 March 2026 मिली जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों में मूल्य वर्धित करों (वैट) के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का स्तर थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल 5.30 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हुआ है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल) ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से

निजी कंपनियों का कहना है कि सरकारी कंपनियों के विपरीत उन्हें घाटे की भरपाई के लिए सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती, इसलिए उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद समुद्र के रास्ते माल ढोने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम बहुत बढ़ गए थे।

प्रीमियम पेट्रोल-डीजल भी हुआ था महंगा

सरकारी कंपनियों ने सामान्य ईंधन के दाम तो स्थिर रखे हैं, लेकिन उन्होंने पिछले सप्ताह प्रीमियम पेट्रोल के दाम दो रुपये और बड़े उद्योगों को बेचे जाने वाले थोक डीजल के दाम करीब 22 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। दिल्ली में फिलहाल सामान्य पेट्रोल 94.77 रुपए और सामान्य डीजल 87.67 रु प्रति लीटर मिल रहा है। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आए उछाल के बीच हुई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। उद्योग जगत के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 101.89 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही, दिल्ली में थोक या औद्योगिक डीजल की कीमतें 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये कर दी गई हैं।

तेल कंपनियां तय करतीं हैं कीमतें

एक संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ”प्रीमियम श्रेणी में कुछ वृद्धि की सूचना मिली है, जो (देश में बेचे जाने वाले) कुल पेट्रोल का मुश्किल से 2 से 4 प्रतिशत हिस्सा है। आम आदमी के लिए कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।” अधिकारी ने कहा कि मूल्य निर्धारण का फैसला तेल कंपनियां स्वतंत्र रूप से करती हैं, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण को क्रमशः 2010 और 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था।

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Petrol Diesel Price 31 March 2026 में पेट्रोल कितना महंगा हुआ है?

Petrol Diesel Price 31 March 2026 के अनुसार नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमतों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

Petrol Diesel Price 31 March 2026 में डीजल की कीमत कितनी बढ़ी है?

Petrol Diesel Price 31 March 2026 के तहत डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है।

क्या सरकारी कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं?

नहीं, सरकारी तेल कंपनियां जैसे IOC, BPCL और HPCL ने सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

Petrol Diesel Price 31 March 2026 में बढ़ोतरी का कारण क्या है?

Petrol Diesel Price 31 March 2026 में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है।

भारत अपनी जरूरत का कितना कच्चा तेल आयात करता है?

भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों का सीधा असर देश में ईंधन के दामों पर पड़ता है।