mohan yadav/ image source: ibc24
Mohan Yadav on Dhar Bhojshala Case: धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेशभर में राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अदालत ने भोजशाला परिसर को माँ सरस्वती यानी वाग्देवी का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना की अनुमति दी है। कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए बीजेपी विधायक Rameshwar Sharma ने इसे सनातन आस्था की जीत बताया। वहीं मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानना हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है।
#WATCH | Bhopal, MP | On the Bhojshala case, MP CM Mohan Yadav says, “I express my happiness that the Court has acknowledged that this site was indeed Bhojshala… On my own behalf, I welcome this verdict and extend my congratulations to the people of the country.” pic.twitter.com/wh93YuNCi3
— ANI (@ANI) May 15, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ASI के संरक्षण और प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित होगा। उन्होंने लंदन म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने के संबंध में केंद्र सरकार को विचार करने के निर्देश का भी स्वागत किया और कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। सीएम ने कहा कि हमारी संस्कृति सदैव सर्वधर्म समभाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे की वाहक रही है तथा राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए उसके प्रभावी क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करेगी।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है।
ASI के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 15, 2026
इधर हाई कोर्ट के फैसले के बाद धार में जश्न का माहौल देखने को मिला। अखंड ज्योति मंदिर में मातृशक्ति द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई और महिलाओं ने दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती यानी वाग्देवी की आराधना की। श्रद्धालुओं ने “जय माँ वाग्देवी” और “जय श्रीराम” के नारों के साथ फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब सनातन आस्था को न्याय मिला है। गौरतलब है कि कोर्ट ने अपने फैसले में ASI सर्वे रिपोर्ट को अहम आधार माना, जिसमें परिसर से खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियां, धार्मिक आकृतियां और राजा भोज काल की नक्काशी मिलने का उल्लेख किया गया। फैसले के बाद भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।