बिजली खपत मई के पहले पखवाड़े में करीब 19 प्रतिशत बढ़ी

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बिजली खपत मई के पहले पखवाड़े में करीब 19 प्रतिशत बढ़ी

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  • Publish Date - May 16, 2021 / 06:08 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) देश में बिजली खपत मई के पहले पखवाड़े में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 19 प्रतिशत बढ़कर 51.67 अरब यूनिट रही। यह बिजली की औद्योगिक और वाणिज्यिक मांग में पुनरूद्धार को बताता है।

विद्युत मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार मई 2020 के पहले पखवाड़े में बिजली खपत 43.55 अरब यूनिट रही थी। पिछले साल मई में पूरे माह के दौरान बिजली खपत 102.08 अरब यूनिट थी।

इस साल मई के पहले पखवाड़े (एक मई से 14 मई) बिजली की अधिकतम मांग (या अधिकतम आपूर्ति) छह मई, 2021 को 1,68,780 मेगावाट रही। यह पिछले साल 13 मई को अधिकतम मांग 1,46,540 मेगावाट के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है।

बिजली की खपत अप्रैल महीने में करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 118.08 अरब यूनिट रही। पिछले साल अप्रैल में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये मार्च के अंतिम सप्ताह में लगाये गये देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ के कारण बिजली खपत घटकर 84.55 अरब यूनिट रह गयी थी।

बिजली खपत मई 2020 में 102.80 अरब यूनिट रही जो मई 2019 में 120.02 अरब यूनिट थी।

प्राइमस पार्टनर्स के सलाहकार देविन्दर संधु ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ऊर्जा की मांग विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों पर निर्भर है। गर्मी बढ़ने तथा अर्थव्यवस्था में मानसून पूर्व उत्पादक कार्यों से बिजली मांग में वृद्धि की उम्मीद रहती है।’’

विश्वबैंक के पूर्व सलाहकार रहे संधु ने यह भी कहा, ‘‘मार्च-मई, 2021 के दौरान ऊर्जा की मांग और आपूर्ति बढ़ी है। तापीय बिजलीघरों का पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) यानी क्षमता उपयोग बढ़कर 75 प्रतिशत पहुंच गया है। साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च 2021) में अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खोलना, उत्पादन में वृद्धि के साथ निर्यात में तेजी के कारण बिजली खपत और आपूर्ति बढ़ी।’’

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों में लगाये गये ‘लॉकडाउन’ और अन्य पाबंदियों से निश्चित रूप से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।

भाषा रमण

रमण