सम्मान कैपिटल की 2027-28 में नए ऋण उत्पाद लाने की योजनाः सीईओ

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सम्मान कैपिटल की 2027-28 में नए ऋण उत्पाद लाने की योजनाः सीईओ

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 06:34 PM IST

मुंबई, 31 मार्च (भाषा) गृह ऋण कारोबार से जुड़ी सम्मान कैपिटल की अपनी प्रबंधन-अधीन परिसंपत्ति (एयूएम) एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाने पर नए उत्पाद लाने की योजना है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पहले इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के नाम से जानी जाने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गगन बंगा ने कहा कि कंपनी फिलहाल आवास ऋण कारोबार पर ध्यान केंद्रित रखेगी और इसके साथ-साथ नए उत्पाद लाने की तैयारी भी करेगी।

बंगा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “हम वित्त वर्ष 2026-27 में नए उत्पादों की तैयारी करेंगे और वित्त वर्ष 2027-28 में उन्हें बड़े स्तर पर पेश करेंगे।”

अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) ने हाल ही में सम्मान कैपिटल में 5,652 करोड़ रुपये का निवेश कर 41.5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। कंपनी अब खुली पेशकश के जरिये अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 63.3 प्रतिशत करने की प्रक्रिया में है और प्रवर्तक भूमिका निभाएगी।

कंपनी अब बिना गारंटी वाले ऋण खंड में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित उत्पादों में सोने के बदले कर्ज (स्वर्ण ऋण), व्यक्तिगत ऋण और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को सुरक्षित एवं असुरक्षित ऋण वितरण शामिल हैं।

बंगा ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य इन सभी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संचालन करना है, जिसके तहत किसी एक श्रेणी में प्रति माह 600 करोड़ रुपये तक के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

कंपनी का वर्तमान एयूएम करीब 65,000 करोड़ रुपये है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 85,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।

बंगा ने कहा कि आवास ऋण पोर्टफोलियो एक लाख करोड़ रुपये पार करने के बाद ही कंपनी के नए कारोबार का विस्तार किया जाएगा।

कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने कुल एयूएम को 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है और तब तक अतिरिक्त पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, वितरण नेटवर्क को 200 शहरों से बढ़ाकर 2027-28 तक 500 शहरों तक ले जाने की भी योजना है।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की संख्या को मौजूदा 1.4 करोड़ से बढ़ाकर 2028-29 तक पांच करोड़ करने और कर्मचारियों की संख्या को 4,000 से बढ़ाकर 10,000 से अधिक करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर पर बंगा ने कहा कि अभी तक कारोबार पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है, हालांकि लंबे समय तक तनाव जारी रहने पर चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि जंग के इस माहौल में भी आईएचसी का कंपनी में निवेश करना भारत के प्रति उसके भरोसे को दर्शाता है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

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