मौद्रिक नीति से पहले शेयर बाजार में तीन सत्रों की तेजी थमी, सेंसेक्स 504 अंक लुढ़का

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मौद्रिक नीति से पहले शेयर बाजार में तीन सत्रों की तेजी थमी, सेंसेक्स 504 अंक लुढ़का

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 05:41 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 05:41 PM IST

मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) वैश्विक शेयर बाजारों के कमजोर रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार लगातार तीन सत्रों के बाद बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 504 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 133 अंक की गिरावट आई।

विश्लेषकों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति घोषणा से एक दिन पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने और धातु, आईटी एवं पूंजीगत उत्पाद शेयरों में तेज बिकवाली से धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के अंत में 503.76 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,313.93 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 666.07 अंक गिरकर 83,151.62 अंक तक आ गया था।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 133.20 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,642.80 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में इटर्नल, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।

दूसरी तरफ, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘पिछले कुछ सत्रों में अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर बनी सकारात्मक धारणा से तेज उछाल देखने को मिला था लेकिन अब मुनाफावसूली हावी रही और बाजार में गिरावट रही।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति मजबूत हुई। इसके साथ आरबीआई की शुक्रवार को होने वाली मौद्रिक नीति घोषणा पर भी सबकी नजरें टिकी रहीं।

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार सुबह द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे। मौद्रिक नीति समिति की बैठक बुधवार से शुरू हो गई है।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,447 शेयर गिरकर बंद हुए जबकि 1,737 शेयरों में तेजी रही और 158 अन्य अपरिवर्तित रहे।

क्षेत्रवार सूचकांकों में पूंजीगत उत्पाद खंड में सर्वाधिक 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि धातु खंड में 1.05 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.88 प्रतिशत और फोकस आईटी खंड में 0.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी करीब चार प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट भी नुकसान में बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुआ।

यूरोपीय बाजार कमजोरी के रुख के साथ कारोबार कर रहे थे।

अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला था। नैस्डैक कंपोजिट 1.51 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 0.51 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि डॉव जोंस 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार सीमित दायरे में कारोबार करते रहे और निवेशक नए घरेलू संकेतकों के अभाव में सतर्क बने रहे। समग्र धारणा स्थिर होने के बावजूद मानक सूचकांक ऊंचे स्तर पर अपनी तेजी कायम नहीं रख पाए।’’

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 29.79 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 249.54 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद की।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.32 प्रतिशत गिरकर 68.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

बुधवार को सेंसेक्स 78.56 अंक की मामूली बढ़त के साथ 83,817.69 अंक पर और निफ्टी 48.45 अंक चढ़कर 25,776 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय