उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अनाज भंडारण के लिए जगह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अनाज भंडारण के लिए जगह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया

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  • Publish Date - January 30, 2021 / 01:18 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:25 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द 50 लाख टन क्षमता की मॉडल भंडारण सुविधाओं की स्थापना के लिए जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करें। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने 29 जनवरी को मुख्यमंत्री के साथ बैठक में किसानों से बेहतर खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया था।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य सरकार की मंडियों और अन्य बुनियादी ढांचे से जल्द से जल्द 50 लाख टन मॉडल भंडारण सुविधाओं की स्थापना के लिए जगह की व्यवस्था करें।’’

मुख्यमंत्री ने एफसीआई और राज्य सरकार के अधिकारियों की कोविड ​​-19 महामारी के बीच धान और गेहूं की रिकॉर्ड खरीद करने के प्रयासों की सराहना की।

सचिव ने एफसीआई के क्षेत्रीय कार्यालय का भी दौरा किया और राज्य सरकार, खरीद एजेंसियों, केंद्रीय भंडारण निगम और उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के अधिकारियों के साथ राज्य में खाद्यान्नों की खरीद और वितरण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

पांडेय ने कहा कि राज्य में 12 लाख से अधिक किसानों से लगभग 63 लाख टन धान की खरीद की गई है। चावल खरीद और बिलिंग प्रणाली के डिजिटलीकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण सभी खरीद एजेंसियों को भारी बचत हुई है और नकदी प्रवाह बढ़ा है।

उन्होंने किसानों से खरीद से लेकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अंतिम लाभार्थियों तक इसके वितरण की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला में प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया।

पांडेय ने पीडीएस और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत पोषक तत्वों से संवर्धित चावल की आपूर्ति के तौर-तरीकों पर भी चर्चा की। उन्हें यह बताया गया कि चंदौली जिले में पोषक तत्वों से संवर्धित चावल की खरीद शुरू कर दी गई है और राशन की दुकानों के माध्यम से इसे वितरित भी किया जा रहा है।

उन्होंने राज्य में पुरानी धान मिलों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया, जिससे चावल की गुणवत्ता में और भी सुधार होगा और यह राइस ब्रान ऑयल (चावल छिलका तेल) के निर्माण के माध्यम से चावल मिलों की आय में भी वृद्धि करेगा।

सचिव ने उत्तर प्रदेश में दलहन और तिलहन के उत्पादन में वृद्धि पर भी जोर दिया जिससे फसलों के विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बयान में कहा गया है कि सचिव ने राज्य सरकार से कहा है कि वह किसानों को मक्के की खेती के लिए प्रोत्साहित करे।

भाषा राजेश अजय

अजय