हमने केंद्र, दिल्ली सरकार से ब्याज मुक्त कर्ज मांगा है: डीएमआरसी ने अदालत में कहा

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हमने केंद्र, दिल्ली सरकार से ब्याज मुक्त कर्ज मांगा है: डीएमआरसी ने अदालत में कहा

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  • Publish Date - January 19, 2023 / 07:47 PM IST,
    Updated On - January 19, 2023 / 07:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने उच्च न्यायालय से कहा है कि उसने मध्यस्थता न्यायाधिकरण के आदेश के तहत रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की कंपनी डीएएमईपीएल को भुगतान करने के लिये केंद्र और दिल्ली सरकार से ब्याज मुक्त 3,500-3,500 करोड़ रुपये का कर्ज मांगा है।

डीएमआरसी ने कहा कि हालांकि ब्याज मुक्त कर्ज से भी दिल्ली मेट्रो पर वित्तीय बोझ पड़ेगा। लेकिन इक्विटी शेयर जारी करने के जिस विकल्प पर गौर किया गया था, उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

दिल्ली मेट्रो ने अदालत में जमा अपने हलफनामे में कहा, ‘‘निदेशक मंडल के निर्णय के बाद डीएमआरसी ने शेयरधारकों, भारत सरकार और दिल्ली सरकार से संपर्क किया। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार को 18 जनवरी, 2023 को पत्र लिखकर ब्याज मुक्त 3,564.64-3,564.64 करोड़ रुपये कर्ज (बॉन्ड के जरिये) उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि उच्चतम न्यायालय के निर्देश का अनुपालन हो सके।’’

न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने मामले की सुनवाई की।

डीएमआरसी और केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे महान्यायवादी आर वेंकटरमानी के उपस्थित नहीं होने से अब अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।

दिल्ली मेट्रो ने कहा कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण के निर्णय के क्रियान्वयन के लिये निगम ने दोनों शेयरधारकों को राइट इश्यू के जरिये 1,000-1,000 रुपये के 7,13,12,800 इक्विटी शेयर बराबर-बराबर देने का प्रस्ताव किया था ताकि 7,131.28 करोड़ रुपये जुटाये जा सकें और मध्यस्थता न्यायाधिकरण के आदेश के तहत भुगतान किया जा सके।

डीएमआरसी ने कहा कि मामले में निदेशक मंडल की 16 जनवरी को हुई बैठक में विचार किया गया। इस बारे में दिल्ली सरकार की रुचि नहीं होने और खराब वित्तीय स्थिति की वजह से डीएमआरसी के पैसा जुटाने में असमर्थता के कारण, दोनों शेयरधारकों से संपर्क किया गया।

दिल्ली मेट्रो ने यह हलफनामा दिल्ली मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लि. (डीएएमईपीएल) के लंबित आवेदन पर दिया। आवेदन में कहा गया है कि डीएमआसी ने केवल 166.44 करोड़ रुपये का भुगतान 14 मार्च, 2022 को किया और 4,427.41 करोड़ रुपये और भुगतान का निर्देश देने का आग्रह किया।

भाषा

रमण अजय

अजय