Bilaspur Housing Board Badam News : टेबल पर बादाम गिरते ही जागा ‘सिस्टम’! चंद घंटों में ही मिल गई युवक की ये फाइल, सरकारी दफ्तर के इस वीडियो पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही चर्चा

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बिलासपुर में एक युवक ने गुम नामांतरण फाइल के विरोध में अधिकारी को बादाम भेंट किए, जिसका वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया और एक साल से गायब फाइल मिल गई।

  • Reported By: Jitendra Thawait

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 10:20 PM IST

Bilaspur Housing Board Badam News / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • गुम फाइल से परेशान युवक का ‘बादाम प्रोटेस्ट’ वायरल
  • वीडियो के बाद खुला दफ्तर, एक साल पुरानी फाइल मिली
  • अधिकारी ने हरकत को बताया असंवैधानिक, निजता हनन का आरोप

बिलासपुर : Bilaspur Housing Board Badam News  छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के तिफरा हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में एक युवक का वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्यालय में किया गया अनोखा विरोध प्रदर्शन जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल, विभागीय कार्यप्रणाली से पीड़ित एक युवक ने उप संपदा अधिकारी को बादाम भेंट किए। युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बादाम फेंकने का वीडियो वायरल


टेबल पर बादाम फेंकने का यह वीडियो इन दिनों प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। Tarun Sahu Almond Video, वजह यह है कि युवक ने सही किया या गलत, इस पर वैचारिक जंग छिड़ी हुई है। प्रकरण में नामांतरण की फाइल एक साल से गुम होने से परेशान युवक तरुण साहू ने उप संपदा अधिकारी को बादाम देकर विरोध दर्ज कराया। युवक का कहना है कि उसने एक साल पहले फ्लैट खरीदा था और नामांतरण के लिए सभी जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा किए थे, लेकिन आज तक उसे नामांतरण संबंधी कागजात नहीं मिल पाए हैं। आरोप है कि विभाग पिछले एक साल से लगातार फाइल गुम होने की बात कहकर उसे चक्कर कटवा रहा है। इसी से नाराज होकर तरुण साहू ने अधिकारी को बादाम देते हुए कहा कि शायद इससे उनकी याददाश्त तेज हो जाए और गुम फाइल मिल सके।

IBC24 ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद IBC24 ने खबर को प्रमुखता से उठाया। Tifra Housing Board Bilaspur, इसका असर यह हुआ कि छुट्टी के दिन भी गृह निर्माण मंडल का कार्यालय खुला और विभागीय अमला फाइल खोजने में जुट गया। कड़ी मशक्कत के बाद फाइल खोज भी ली गई। विभाग में हड़कंप ऐसा था कि खुद विभागीय उप आयुक्त को फाइल खोजने की जिम्मेदारी दी गई थी। विवाद पर अब अधिकारी दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत करने की बात कह रहे हैं।

महिला अधिकारी ने हरकत को बताया असंवैधानिक


हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद महिला अधिकारी भी खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने युवक की इस हरकत को असंवैधानिक और गैर-जरूरी बताया है। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने को उन्होंने अपनी निजता का हनन बताया है। इस मामले को लेकर महिला अधिकारी ने पुलिस कप्तान से शिकायत भी की है, जहां एसएसपी ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अगर वायरल न होता वीडियो तो क्या मिलती फाइल?


एक ओर सिस्टम की लापरवाही से परेशान आम आदमी का गुस्सा है, तो दूसरी ओर विरोध के तरीके और अधिकारियों की निजता को लेकर उठते सवाल हैं। तरुण साहू का यह अनोखा विरोध अब सिर्फ एक गुम फाइल का मामला नहीं रह गया, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली और विरोध की मर्यादा पर बहस का विषय बन गया है। फिलहाल फाइल मिलने के बाद विभाग ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि अगर खबर और वायरल वीडियो का दबाव नहीं बनता, तो क्या यह फाइल कभी मिल पाती?

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