शिमला में 15 परिवार रातोंरात हुए बेघर, इमारतों में आईं दरारें; सुरंग निर्माण को जिम्मेदार ठहराया गया

शिमला में 15 परिवार रातोंरात हुए बेघर, इमारतों में आईं दरारें; सुरंग निर्माण को जिम्मेदार ठहराया गया

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 08:31 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 08:31 PM IST

शिमला, 10 जनवरी (भाषा) शिमला के चलौंठी क्षेत्र में दो आवासीय इमारतों और एक होटल में दरारें आने के बाद ठंड में करीब 15 परिवार रातोंरात बेघर हो गए।

प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि भट्टाकुफर और चलौंठी के बीच सड़क को चार लेन करने के लिए सुरंग खोदने के वास्ते चट्टानों में किए जा रहे विस्फोट के कारण इमारतों में दरारें पड़ीं। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा शुरू की गई है और इसे एक निजी कंपनी क्रियान्वित कर रही है।

उन्होंने कहा कि कई शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया और अब विस्फोट के कारण उनके मकान जोखिम में हैं। प्रभावित परिवारों ने सुरंग निर्माण करने वाली कंपनी पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

पूजा नाम की स्थानीय महिला ने कहा, ‘‘करीब तीन दिन पहले दीवारों में मामूली दरारें दिखने लगी थीं और निर्माण कंपनी के अलावा जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने कोई बड़ा खतरा होने से इनकार किया था।’’

उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम दरारें अचानक बढ़ गईं और कंपनी के अधिकारियों ने निवासियों से घर खाली करने को कहा।

एक अन्य निवासी ने कहा, ‘‘जब हम कंपन की शिकायत कर रहे थे तो विस्फोट करने की क्या जरूरत थी और अब मकानों में दरारें आ गई हैं। हमने अपने घर बनाने में अपनी सारी कमाई लगाई है। अब हम कहां जाएंगे?’’

शिमला के उप-विभागीय जिलाधिकारी (एसडीएम) (ग्रामीण) ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चलौंठी क्षेत्र में दो इमारतों में रह रहे 15 परिवारों के 40 से अधिक लोग तथा एक होटल के पर्यटक और कर्मचारी दरारें आने के बाद शुक्रवार रात इमारतों से बाहर निकल गए। अधिकतर परिवारों को ठहरने के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है, जबकि कुछ ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर जाने का विकल्प चुना।’’

एनएचएआई एवं सुरंग निर्माण कंपनी के खिलाफ लोगों में व्यापक रोष है और स्थानीय लोग सुरंग कार्य रोकने पर अड़े हैं। संजौली-ढल्ली बाईपास पर भी दरारें आने के कारण वहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

शनिवार को स्थल का दौरा करने वाले ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विस्फोट रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएआई को प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।

सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एनएचएआई अधिकारियों से बात की है।

भट्टाकुफर में 30 जून, 2025 को एक पांच मंजिला इमारत ढह गई थी और निवासियों ने एनएचएआई द्वारा चार लेन निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

भाषा

सिम्मी दिलीप

दिलीप