‘निषाद’ पार्टी ने रैलियों की घोषणा की, 22 मार्च को गोरखपुर से शुरुआत

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'निषाद' पार्टी ने रैलियों की घोषणा की, 22 मार्च को गोरखपुर से शुरुआत

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 05:32 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 05:32 PM IST

लखनऊ, 17 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल ‘निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल’ (निषाद) ने मंगलवार को दावा किया है कि विधानसभा चुनाव की तैयारी के दृष्टिगत पार्टी ने राज्य के चार प्रमुख क्षेत्रों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में विशाल जनसभाओं का आयोजन करने का फैसला किया है। निषाद पार्टी के जनसंपर्क अधिकारी ने यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी।

निषाद पार्टी के अनुसार पार्टी की ओर से 22 मार्च 2026 को गोरखपुर जिले में स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क, गोरखपुर में एक विशाल रैली का आयोजन प्रस्तावित है। यह रैली पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है और पार्टी को इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं निषाद समाज के लोगों की भागीदारी की अपेक्षा है।

निषाद पार्टी के मुताबिक वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने के मकसद से मेरठ में भी एक रैली का आयोजन करेगी।

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री संजय निषाद के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने कहा कि वह गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में जनसभाएं आयोजित करेगी।

निषाद पार्टी के मुताबिक इन रैलियों के माध्यम से पार्टी स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वह पूरी तैयारी और मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। निषाद पार्टी के मुताबिक विशेष रूप से पूर्वांचल, जो निषाद पार्टी का पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र रहा है, वहां पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

पार्टी के अनुसार इन जनसभाओं का मुख्य केंद्र बिंदु मझवार/तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति (एससी) में अधिसूचित किए जाने की मांग होगी। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मुद्दे को रैलियों में प्रमुखता से उठाते हुए इसे जन आंदोलन का रूप देने की रणनीति पर कार्य कर रहे हैं।

निषाद पार्टी के अनुसार पार्टी का मानना है कि यह केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान से जुड़ा विषय है। बीते चार वर्षों में सत्ता में रहते हुए भी पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे को लगातार उठाया है और प्रदेश में दो बार “मछुआ एससी संवैधानिक अधिकार यात्रा” का आयोजन किया है। पार्टी के अनुसार अब इन रैलियों के माध्यम से मझवार आरक्षण के मुद्दे को निर्णायक स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।

भाषा आनन्द

अमित

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