Delhi Liquor Policy Case: कोर्ट से बरी होते ही फफक-फफककर रोने लगे केजरीवाल, कहा- ‘मैं भ्रष्ट नहीं, कट्टर ईमानदार हूं’, देखें वीडियो

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Arvind Kejriwal News: कोर्ट से बरी होते ही फफक-फफककर रोने लगे केजरीवाल, कहा- 'मैं भ्रष्ट नहीं, कट्टर ईमानदार हूं', देखें वीडियो

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 12:14 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 12:15 PM IST
HIGHLIGHTS
  • केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी
  • CBI की दोषपूर्ण जांच पर कोर्ट की फटका
  • कोर्ट के फैसले के बाद कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं, कट्टर ईमानदार हूं।

नई दिल्ली: Delhi Liquor Policy Case दिल्ली में शराब घोटाले में आज कोर्ट से पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया है। आरोप मुक्त होने के बाद पूर्व सीएम ने मीडिया के सामने चर्चा की। इस दौरान वो रो पड़े। उन्होंने कहा कि “मैं करप्ट नहीं हूं। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। मुझ पर भाजपा ने झूठे आरोप लगाए, आज कोर्ट ने भी कह दिया कि केजरीवाल‑सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।”

‘AAP को खत्म करने की कोशिश की गई’

Arvind Kejriwal News केजरीवाल ने कहा, ‘भाजपा लंबे समय से शराब घोटाला-घोटाला कर रही थी। वो सब झूठ आज बेनकाब हुआ। आज सत्य की जीत हुई है। मुझे शुरू से न्याय प्रणाली पर भरोसा था।’ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की।

कोर्ट की CBI को फटकार

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज शराब घोटाले मामले में सुनवाई हुई है। इस मामले में कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया।

साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को दोषपूर्ण जांच के लिए फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। सीबीआई आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।

23 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई का मामला बंद

दरअसल, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया शराब घोटाला मामले की सुनवाई के लिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। केजरीवाल और सिसोदिया व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, जबकि के. कविता, अमनदीप ढल और कई अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए। कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी करते हुए अपने फैसले में कहा कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था। इसी के साथ कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई का मामला बंद कर दिया है।

2022-23 में दर्ज हुआ था मामला

बता दें, मामला 2022-23 की दिल्ली की शराब नीति से जुडा है जिसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई ने केस दर्ज किया था। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को जेल जाना पड़ा था। खुद अरविंद केजरीवाल 6 महीने जेल में रहकर आए थे। मामले को लेकर सीबीआई और ईडी का आरोप था कि साउथ ग्रुप नाम की एक लॉबी से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई और बदले में उन्हें लाइसेंस फीस में छूट और अन्य फायदे दिए गए।

 

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शराब घोटाला केस में मुख्य आरोप क्या थे?

आरोप थे कि दिल्ली की 2022-23 की शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें कुछ लाइसेंस फीस में छूट और रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया।

कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया को क्यों बरी किया?

कोर्ट ने कहा कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था और आरोप पत्र में पर्याप्त सबूत नहीं थे।

CBI को कोर्ट ने क्यों फटकार लगाई?

अदालत ने कहा कि जांच में कई कमियां हैं और आरोप पत्र में सबूतों का समर्थन नहीं मिलता।