गुवाहाटी, 16 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने रविवार को पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और कोयला, पत्थर एवं बालू सिंडिकेट के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाने का प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने इन सिंडिकेट को राज्य में हाल में आई बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया।
बैठक में आगामी लोकसभा उपचुनाव, स्वायत्त परिषद चुनाव और नगर निकाय चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई तथा प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे का जायजा लिया गया।
असम प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की भी अलग से समीक्षा बैठक हुई।
पार्टी नेताओं ने ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला कांग्रेस कमेटियों और सेवा दल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई समेत अग्रिम संगठनों द्वारा किए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर चर्चा की।
असम प्रदेश कांग्रेस के एक बयान के अनुसार, बैठक में क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण, सार्वजनिक और धार्मिक संस्थानों की सफाई, स्कूलों में कक्षाएं फिर से शुरू कराने में मदद के लिए ‘श्रमदान’ तथा किसानों को धान की पौध उपलब्ध कराने और रोपाई के लिए प्रत्यक्ष सहायता देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बयान में कहा गया, “पार्टी ने कोयला, पत्थर और बालू सिंडिकेट के खिलाफ राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव पारित किया, जिन्हें उसने ऊपरी असम में हालिया आपदा के प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया है।”
बैठक में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र को 10 किलोमीटर से घटाकर एक किलोमीटर किए जाने के प्रस्ताव तथा इंग्लेंग पाथार में आदिवासी भूमि का अधिग्रहण करके उसे बड़े कॉरपोरेट संस्थानों को सौंपे जाने का भी विरोध किया गया।
कांग्रेस ने उन नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए जन आंदोलन का नेतृत्व करने का संकल्प लिया, जिन्हें उसने “जनविरोधी नीतियां” बताया।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं के क्षेत्रवार प्रशिक्षण के प्रस्ताव, असम और अन्य विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध लोगों को कुलपति नियुक्त किए जाने पर चिंता तथा कॉलेजों में प्राचार्य पदों पर वैचारिक रूप से अनुकूल उम्मीदवारों को कथित तौर पर प्राथमिकता दिए जाने सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
भाषा अमित नरेश
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