मणिपुर के तीन जिलों में बंद से आम जनजीवन प्रभावित

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मणिपुर के तीन जिलों में बंद से आम जनजीवन प्रभावित

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 03:24 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 03:24 PM IST

इंफाल, 14 मई (भाषा) मणिपुर में चर्च के तीन पदाधिकारियों और एक नागरिक की हत्या के विरोध में कुकी-जो तथा नागा समुदायों द्वारा बुलाए गए बंद के कारण बृहस्पतिवार को कम से कम राज्य के तीन जिलों में आम जनजीवन प्रभावित रहा।

कांगपोकपी, चुराचांदपुर और चंदेल जिलों में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति बेहद कम रही, जबकि शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

राज्य में कुकी जनजातियों के शीर्ष संगठन ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने कांगपोकपी जिले के कोटलेन क्षेत्र के पास बुधवार सुबह थाडौ चर्च के तीन नेताओं की हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार मध्यरात्रि से 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है।

एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बाजार, व्यावसायिक गतिविधियां और इंफाल को दीमापुर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर वाहनों की आवाजाही बंद करा दी। चुराचांदपुर जिले के ‘जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन-जनरल हेडक्वार्टर’ ने बुधवार शाम छह बजे से शहर के इलाकों में अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की।

वहीं, ‘चंदेल नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ ने नोनी जिले में एक नागा व्यक्ति की हत्या के विरोध में चंदेल जिले में बंद बुलाया, जिससे कारोबार और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

अधिकारियों के अनुसार, विल्सन थांगा अपनी पत्नी के साथ चारपहिया वाहन से डोलांग गांव लौट रहे थे, तभी संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में थांगा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी घायल हो गईं।

मणिपुर में मई 2023 से मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसा में कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत मनीषा

मनीषा