कोलकाता, 16 मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि उसकी तथ्यान्वेषण टीमों ने पश्चिम बंगाल के तीन जिलों का दौरा किया है, जहां चुनाव बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर भाजपा के लोगों द्वारा हमला किया गया।
पार्टी ने दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर और हुगली जिलों का दौरा करने के लिए तीन टीम गठित कीं ताकि उन पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से रिपोर्ट एकत्र की जा सके, जिन्हें हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चुनावी हार के बाद कथित तौर पर हिंसा का सामना करना पड़ा है।
राज्य की 294 विधानसभा सीट में से पार्टी केवल 80 सीट ही जीत पाई।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने पत्रकारों से कहा कि एक टीम, जिसमें वह स्वयं भी शामिल हैं, पूर्वी मेदिनीपुर जिले के मोयना, तामलुक और हल्दिया जा रही है ताकि हिंसा प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिल सके।
सेन ने दावा किया, ‘‘चुनाव के बाद कई जगहों पर हमारे कार्यकर्ताओं, आम लोगों और समर्थकों पर अत्याचार हो रहा है। कई लोगों को अपने घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। घरों में तोड़फोड़ की गई है और पार्टी के कई कार्यालय बंद हैं।’’
उन्होंने कहा कि तथ्यान्वेषण टीम पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देशों पर गठित की गई हैं।
सुष्मिता देव के नेतृत्व में एक टीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस टीम में तन्मय घोष, सजदा अहमद और प्रसून बनर्जी भी शामिल थे।
वहीं, एक अन्य टीम को हुगली का दौरा करने का कार्य सौंपा गया।
सेन ने कहा, ‘‘हम उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जिन पर हमला हुआ है और जो विस्थापित हुए हैं ताकि हम उनके साथ खड़े रह सकें।’’
तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसकी तथ्यान्वेषण टीम हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए जिलों का दौरा कर रही हैं।
भाषा
नेत्रपाल प्रशांत
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