प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान करने के लिए अगले सप्ताह संसद में विधेयक पेश किया जाएगा : मोदी

प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान करने के लिए अगले सप्ताह संसद में विधेयक पेश किया जाएगा : मोदी

प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान करने के लिए अगले सप्ताह संसद में विधेयक पेश किया जाएगा : मोदी
Modified Date: July 24, 2026 / 01:34 am IST
Published Date: July 24, 2026 1:34 am IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे।

प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विधेयक के मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ मंत्रिमंडल शुक्रवार को प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा करेगी और मंत्रिपरिषद के सहयोगियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।’’

मोदी ने कहा, ‘‘सोमवार को जब संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता शुरू होगा, तो प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला एक विधेयक लाया जाएगा और हम उसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ज्ञात है कि प्रश्नपत्र लीक कोई छोटी समस्या नहीं है और लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद कष्टदायक होती हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए, जब से नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आए हैं (करीब ढाई महीने पहले)तब से कई कड़े कदम उठाए गए हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘दोषियों को पकड़ लिया गया है। वे अब जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिशचित करना था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। तुरंत परीक्षा कराना आवश्यक था। सभी संसाधनों का इस्तेमाल करके, सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकें।’’

उन्होंने कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दोबारा आयोजित की गई नीट के नतीजे 19 जुलाई को घोषित किए गए और पूरे भारत से सफल उम्मीदवारों की खुशी की खबरें आई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो इससे ही संतुष्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मैंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित अदालत स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। त्वरित अदालत पहले ही स्थापित की जा चुकी है।’’

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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