नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की, जहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) 20 जून से विरोध प्रदर्शन कर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
वांगचुक के अनशन शुरू करने पर जंतर-मंतर पर ज्यादातर युवाओं और छात्रों समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। प्रदर्शन स्थल पर कई किसान नेता भी मौजूद थे। प्रदर्शन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ की गई।
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
दीपके ने पहले भी किसानों, छात्रों और संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग का समर्थन करने की अपील की है।
रविवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है।
सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जून को जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान दीपके ने आरोप लगाया था कि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे को लेकर व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।
भाषा
शुभम देवेंद्र
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