(के. प्रवीण कुमार)
तिरुवनंतपुरम, 16 मई (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) अपने तकनीकी सहयोगियों के साथ मिलकर जल्द ही देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा, क्योंकि मौजूदा मापदंड भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी।
विशेष रूप से केरल में मौजूदा मापदंडों की सीमाओं के कारण लू की चेतावनी जारी करने में कठिनाई आ रही है।
आईएमडी के सूत्रों ने बताया कि इस गर्मी के मौसम में लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा तथा पहली बार कर्नाटक-महाराष्ट्र तट के पास बने चक्रवाती तंत्र के आधार पर मौसम पूर्वानुमान जारी किए गए।
आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इससे पहले कभी भी दक्षिण के इतने करीब कोई चक्रवाती तंत्र नहीं बना था और इस बार हमें इसी के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाना पड़ा।”
भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में चक्रवाती तंत्र का बनना आम बात है, लेकिन इस साल एक तंत्र दक्षिणी क्षेत्र के पास बना, जिससे रात के समय असामान्य रूप से गर्मी रही।
अधिकारी ने बताया कि केरल में रात का तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि केरल में पिछले कुछ वर्षों से गर्मियों के महीनों में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए लू की घोषणा के मापदंडों में बदलाव से राज्य को लाभ होगा और अधिकारियों को अधिक कुशलता से चेतावनी जारी करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग गर्म एवं आर्द्र मौसम की चेतावनी जारी करता है, हालांकि स्थिति लू की चेतावनी जारी करने की आवश्यकता है, क्योंकि मौजूदा मापदंड विभाग को ऐसी चेतावनी जारी करने की अनुमति नहीं देते हैं।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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