जयपुर, 30 मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयान को लेकर उन पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि कांग्रेस में किसे कौन पूछ रहा है।
गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मंत्रियों से केवल अपने बेटों-बेटियों और रिश्तेदारों को सरकार के कामकाज से दूर रखने को कहा था, राजनीति से नहीं।
उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि बेटों-बेटियों को सरकार से दूर रखें, इसमें मैंने क्या गलत कहा? राजनीति में आगे आने में कोई हर्ज नहीं है। इससे नयी पीढ़ी को अनुभव का लाभ मिलेगा।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शायद उनकी यह बात मुख्यमंत्री को चुभ गई और इसके बाद तीन दिन से जोधपुर और जयपुर में उनके बारे में अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार से दूर रखने की बात की थी, इसे गोलमाल कर पेश किया गया।”
गहलोत ने यह भी कहा कि हाल ही में उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर राज्य सरकार या तो जवाब नहीं दे रही है या गोलमोल उत्तर दे रही है।
उन्होंने मंत्रियों और मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि परिवार के सदस्यों को राजनीति में आने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है, केवल सरकार से दूर रखने की बात की गई थी।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत