‘सीट चोरी’ और नीट मामले को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी कांग्रेस

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‘सीट चोरी’ और नीट मामले को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी कांग्रेस

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  • Publish Date - June 11, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - June 11, 2026 / 06:54 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि वह मध्यप्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने, नीट मामले और सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर मोदी सरकार को घेरने के लिये जल्द ही राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी।

पार्टी नेतृत्व की महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ बैठक में राष्ट्रव्यापी अभियान का निर्णय लिया गया।

मुख्य विपक्षी दल का कहना है कि यह अभियान इस महीने के आखिर में शुरू हो सकता है और दो-तीन महीने तक चलेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और कई अन्य नेता मौजूद थे।

हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस महासचिवों एवं प्रभारियों की संयुक्त रूप से यह बैठक पहली बार हुई है।

बैठक के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मध्य प्रदेश और झारखंड़ के राज्यसभा चुनावों में जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था। झारखंड में भाजपा समर्थित कॉर्पोरेट उम्मीदवार का नामांकन कई विसंगतियों के बावजूद स्वीकार कर लिया गया।’’

उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र की दयनीय स्थिति का परिचायक है। उन्होंने दावा किया कि यह ‘सीट चोरी’ है।

वेणुगोपाल ने कहा कि आज की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई और फैसला हुआ कि इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, खासकर आर्थिक संकट पर चर्चा हुई…सरकार किसी भी मुद्दे की नैतिक ज़िम्मेदारी नहीं ले रही है।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘हमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग और कितने समय तक करनी होगी?’’

कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कहा, ‘‘देश के हालात इतने खतरनाक हैं कि एक तरफ़ लोकतंत्र नहीं है और दूसरी तरफ़ आम लोग अपनी रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी पूरे भारत में एक अभियान शुरू करने जा रही है।’’

वेणुगोपाल ने बताया, ‘‘यह अभियान सिर्फ़ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य, ज़िला और ब्लॉक स्तर पर भी चलाया जाएगा। जहां भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, कांग्रेस पार्टी वहां जाएगी, उनकी भावनाओं को समझेगी और उनके लिए संघर्ष करेगी।’’

उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में इस कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा सामने रखी जाएगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होगा कि इन विषयों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जवाबदेही तय हो।

वेणुगोपाल ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बार-बार पेपर लीक होने, बेरोज़गारी और नौकरी की अनिश्चितता की वजह से हमारी जेन जी और युवाओं की उम्मीदें खत्म हो रही हैं। अर्थव्यवस्था के बिगड़ने और घर का बजट खराब होने से परिवारों पर भारी दबाव पड़ रहा है। एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों को अत्याचार और सोची-समझी साज़िश के तहत हाशिए पर धकेले जाने का सामना करना पड़ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ‘कुशासन’ का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए हम देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे।

कांग्रेस जयराम रमेश ने कहा कि किसानों के मुद्दों को उठाया जाएगा क्योंकि इस महीने के आखिर में अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हो सकता है जिसका बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों पर बुरा असर होगा।

उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली और ‘लोकतंत्र को खत्म करने के प्रयास’ के विषय भी इस अभियान के तहत उठाए जाएंगे।

रमेश ने ‘हिंदू विकास दर’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कांग्रेस पर हमले को लेकर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मोदी एक ‘‘अज्ञानी’’ व्यक्ति हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि उसके शासनकाल में सुस्त विकास दर को चतुराई से ‘हिंदू विकास दर’ कहा गया था, जबकि कुशासन के कारण इसका नाम ‘कांग्रेस विकास दर’ होना चाहिए था।

भाषा हक हक रंजन

रंजन