कोलकाता, 27 अप्रैल (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग (ईसी) से तृणमूल कांग्रेस की उस शिकायत पर ध्यान देने का अनुरोध किया है, जिसमें कहा गया है कि दक्षिण 24 परगना जिले में विधानसभा चुनाव के लिए तैनात एक पुलिस पर्यवेक्षक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात की।
तृणमूल ने चार विधानसभा क्षेत्रों -मगराहट पूर्व, मगराहट पश्चिम, डायमंड हार्बर और फाल्टा- में उक्त अधिकारी को पुलिस पर्यवेक्षक पद से हटाने का अनुरोध किया है।
आयोग ने अदालत के समक्ष कहा कि पर्यवेक्षक ने डायमंड हार्बर स्थित राज्य सरकार के एक टूरिस्ट लॉज में बैठकों के लिए निर्धारित सम्मेलन कक्ष में आधिकारिक हैसियत से उम्मीदवार से मुलाकात की थी और याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के विपरीत इसमें कुछ भी गोपनीय नहीं था।
न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने पिछले सप्ताह मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग से तृणमूल की शिकायत पर कार्रवाई करने और याचिकाकर्ता को आदेश की सूचना देने का ‘अनुरोध’ किया।
तृणमूल ने याचिका में आरोप लगाया कि अधिकारी ने मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के साथ निजी और अनौपचारिक बैठक की।
आयोग का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता डी एस नायडू ने अदालत के समक्ष कहा कि पर्यवेक्षक पुस्तिका के खंड-तीन के उपखंड-तीन में यह प्रावधान है कि चुनाव अवधि के दौरान एक पुलिस पर्यवेक्षक निर्वाचन आयोग की आंख और कान के रूप में कार्य करेगा और आयोग को प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करेगा।
उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि एक पुलिस पर्यवेक्षक को जनता के साथ-साथ उम्मीदवारों से भी मिलना होता है और आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
नायडू ने कहा कि तृणमूल का यह आरोप कि संबंधित पुलिस पर्यवेक्षक ने भाजपा उम्मीदवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, निराधार है, क्योंकि उन्होंने उक्त उम्मीदवार से आधिकारिक हैसियत से अन्य लोगों के साथ मुलाकात की थी।
भाषा अविनाश सुरेश
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