भुवनेश्वर: Odisha Crime News भुवनेश्वर की विशेष अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी आठ साल की बेटी से कई बार बलात्कार करने के जुर्म में बृहस्पतिवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत के तदर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरोज कुमार साहू ने 13 गवाहों और 77 दस्तावेजों पर गौर करने के बाद व्यक्ति को दोषी ठहराया।
Odisha Crime News अदालत ने दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और कहा कि जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन महीने अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को बच्ची को चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने की सिफ़ारिश की।
उस व्यक्ति की पत्नी ने 27 अक्टूबर, 2022 को उसे अपने घर में अपनी बेटी के साथ बलात्कार करते हुए पकड़ लिया। तब बेटी ने मां को बताया कि उसका पिता उसके साथ अक्सर ऐसा करता है। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर महिला थाने में मामला दर्ज कर पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।
पॉक्सो (POCSO) यानी ‘Protection of Children from Sexual Offences Act’ बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बना कानून है। इसके तहत सख्त सजा का प्रावधान है।
क्या आरोपी को उम्रकैद भी हो सकती थी?
हाँ, पॉक्सो के तहत यदि अपराध बहुत जघन्य हो तो आरोपी को उम्रकैद या मृत्युदंड तक दिया जा सकता है। इस केस में अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई।
पीड़िता को कब और कैसे मुआवज़ा मिलेगा?
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को ₹4 लाख देने की सिफारिश की है, जो जल्द ही पीड़िता के पुनर्वास के लिए जारी किया जाएगा।