माकपा ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में अदालत के फैसले पर चिंता जताई

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माकपा ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में अदालत के फैसले पर चिंता जताई

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 06:49 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 06:49 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और कहा कि इसका देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर प्रभाव पड़ सकता है।

माकपा के पोलित ब्यूरो ने एक बयान में इस फैसले पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा कि भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती का एक मंदिर है।

वाम दल ने कहा कि इस फैसले को ऐतिहासिक और धार्मिक विवादों के बढ़ते चलन से अलग करके नहीं देखा जा सकता है।

उसका कहना है कि इस तरह के मामले फिर से खोले जा रहे हैं और ऐसे फैसला सुनाया जा रहा है, जिससे सांप्रदायिक विभाजन गहराने का खतरा है।

माकपा ने यह भी तर्क दिया कि यह फैसला पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के प्रावधानों की अनदेखी करता प्रतीत होता है, जो कि स्वतंत्रता के समय मौजूद पूजा स्थलों के धार्मिक चरित्र को संरक्षित करने और नए सांप्रदायिक विवादों को रोकने के लिए अधिनियमित किया गया था।

भाषा हक पवनेश संतोष

संतोष