नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के एक मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी को ‘‘गैर-कानूनी’’ करार देते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के लिए बताई गई वजहें उचित नहीं प्रतीत होतीं, क्योंकि दोनों आरोपी जांच में सहयोग कर रहे थे।
न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) राजकुमार सिंह, मामले के जांच अधिकारी की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें आरोपी रविंदर पाल सिंह चड्ढा उर्फ रविन चड्ढा और मनोज भैयासाहेब पोंगडे की एक दिन की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया गया था।
अदालत ने 10 जून के एक आदेश में कहा, ‘‘सिर्फ आरोपों की गंभीरता गिरफ्तारी की कानूनी जरूरत की जगह नहीं ले सकती। जब आरोपी नोटिस मिलने पर जांच में शामिल हो रहे हों, तो जांच अधिकारी को यह बताना होगा कि नोटिस या जांच के दूसरे कानूनी तरीकों से आगे की जांच क्यों नहीं हो सकती।’’
ईओडब्ल्यू पुलिस थाने में दर्ज यह मामला ‘सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ की एक निविदा से जुड़ी फर्जी बैंक गारंटी और उससे संबंधित कागजात के आरोपों पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है।
हालांकि, अदालत का यह आदेश केवल गिरफ्तारी की वैधता और पुलिस हिरासत के अनुरोध तक ही सीमित है।
भाषा शफीक नरेश
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