नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी ने अपने विभिन्न साहित्यिक पुरस्कारों का नाम प्रमुख राष्ट्रवादी नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा है, जिनमें विनायक दामोदर सावरकर, दीन दयाल उपाध्याय और मदन मोहन मालवीय शामिल हैं।
अकादमी ने भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर पुरस्कार की एक नयी श्रेणी शुरू की है। साथ ही, हिंदी की सेवा में समर्पित लोगों के लिए दिवंगत भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा के नाम पर भी एक पुरस्कार शुरू किया गया है।
हिंदी अकादमी ने 2022–23, 2023–24, 2024–25 और 2025–26 अकादमिक वर्ष के लिए अलग-अलग पुरस्कार श्रेणी में आवेदन आमंत्रित किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले पात्र साहित्यकारों, कवियों और पत्रकारों को 23 जून तक अपना आवेदन जमा करना होगा।
उन्होंने बताया कि अकादमी की ‘साहित्यकार सम्मान योजना’ के तहत, राष्ट्रीय भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करने वाले हिंदी साहित्यकारों, कवियों और पत्रकारों को नकद पुरस्कार वाली 16 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे।
हिंदी अकादमी के श्लाका सम्मान का नाम बदलकर अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्लाका सम्मान कर दिया गया है और इसमें मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है।
‘अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा सम्मान’ में पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसी तरह, रानी अहिल्याबाई होल्कर सम्मान (महिला साहित्यकारों के लिए), राष्ट्रीय चेतना के लिए वीर सावरकर सम्मान और संत रविदास साहित्य सम्मान के लिए दो-दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
पुरस्कारों की अन्य श्रेणियों में पंडित मदन मोहन मालवीय हिंदी साहित्यकार सम्मान, बाबा जोरावर सिंह सम्मान (बाल साहित्य), स्वामी विवेकानद युवा प्रतिभा सम्मान शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार (विद्या निवास मिश्र सम्मान) और हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा हिंदी सेवा सम्मान के लिए एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
भाषा शफीक माधव
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