दिल्ली पुलिस ने नकदी एवं आईफोन की लूट के मामले में तीन महिलाओं समेत पांच को गिरफ्तार किया

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दिल्ली पुलिस ने नकदी एवं आईफोन की लूट के मामले में तीन महिलाओं समेत पांच को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 04:25 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 04:25 PM IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने यहां एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये और 22 आईफोन लूटने के आरोप में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया और पंजाब व जम्मू-कश्मीर में एक सप्ताह से अधिक समय तक चलाए गए तलाशी अभियान के बाद लूटा गया सारा माल बरामद करने का दावा किया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, टीम ने घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में लंबी यात्रा के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बंथिया ने एक बयान में कहा, ‘यह मामला 17 फरवरी को तिमारपुर थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता रमेश लाल (39) जम्मू निवासी हैं और जम्मू में एक मोबाइल की दुकान में काम करते हैं। 16-17 फरवरी की दरमियानी रात को वह सामान की खरीद-फरोख्त के लिए जम्मू से दिल्ली जाने वाली एक निजी बस में सवार हुए थे।’

अधिकारी ने बताया कि उनके पास 15 लाख रुपये नकद और एक बैग में 30 लाख रुपये कीमत के 22 पैक एप्पल आईफोन थे। उनके पास एक छोटा बैग भी था जिसमें उनका निजी मोबाइल फोन था।

डीसीपी ने बताया, ’17 फरवरी को सुबह करीब 7.15 बजे लाल उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला पर बस से उतरे। उसी बस में सफर कर रहे तीन अज्ञात पुरुष और तीन महिलाएं भी उतर गए। जैसे ही वह ऑटो-रिक्शा में चढ़ने लगे, उन छह लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर छेड़छाड़ और मारपीट के झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए।’

उनके मुताबिक, इस अफरा-तफरी में पुरुष आरोपी नकदी और 22 आईफोन से भरा बैग लेकर फरार हो गए। हालांकि, उनके निजी मोबाइल फोन और आम जनता की मदद से तीनों महिला हमलावरों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

बंथिया ने बताया कि शिकायतकर्ता का छोटा बैग बरामद कर लिया गया और महिलाओं को तिमारपुर थाने ले जाया गया। पूरी घटना इलाके के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई।

अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता का एक लूटा हुआ मोबाइल फोन महिलाओं से बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान हाशु बीबी (23), जूना बेगम (31) और मनीवा अख्तर (24) के रूप में हुई है। ये सभी जम्मू की निवासी हैं।

बयान के मुताबिक, पूछताछ के दौरान महिलाओं ने खुलासा किया कि इस अपराध में छह लोग शामिल थे और जम्मू निवासी परवेज़ इस साजिश का मुख्य सूत्रधार था। आरोपी महिलाओं ने बताया कि तीनों पुरुष आरोपी साजिश के अनुसार जम्मू लौट गए थे।

डीसीपी ने बताया कि इसके बाद संयुक्त टीम गठित की गई तथा आरोपियों की तलाश में तीन अलग अलग टीमों को जम्मू भेजा गया, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए।

पुलिस ने बताया कि 20 फरवरी एक आरोपी का ठिकाना चंडीगढ़ में पता चला जिसके बाद एक टीम तुरंत वहां पहुंची और उसे उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह अग्रिम जमानत के लिए एक वकील से मिलने जा रहा था क्योंकि उसे पता था कि पुलिस उसकी तलाश में है। उसने खुलासा किया कि लूटा गया सामान परवेज़ ले गया है। एक अन्य टीम ने एक और आरोपी तारिक हुसैन (33) का पता लगाया।

पुलिस के मुताबिक, हुसैन अपने पैतृक गांव और उधमपुर के बीच चलने वाली दो निजी बसों का मालिक है। बसों के शुरुआती और अंतिम बिंदुओं पर जाल बिछाया गया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।

डीसीपी ने बताया, “पुलिस दल ने फिर पांच दिनों तक उधमपुर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा की, घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों को पार किया, जहां कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह से नदारद थीं। कठिन भूभाग के कारण मोबाइल निगरानी में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करते हुए, दल ने घोर अंधेरे में लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की और नागरिक सुविधाओं के बिना वन क्षेत्रों में रात बिताई।”

पुलिस ने बताया कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 1,500 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में आठ दिनों तक चली खोज के बाद, टीम ने तारिक को उसके पैतृक गांव के पास एक वन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी लेने पर दो लाख रुपये नकद बरामद हुए।

शुरू में उसने शेष सामान के बारे में जानकारी छुपाई, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि परवेज़ ने उसे लूटा गया सामान छिपाने के लिए दिया था। उसकी सूचना पर, शेष 13 लाख रुपये नकद और 21 आईफोन उसके घर के उस हिस्से से बरामद किए गए जहां पशु रखे जाते हैं। पुलिस ने बताया कि लूटी गई नकदी और मोबाइल फोन की 100 प्रतिशत बरामदगी हो चुकी है।

पुलिस ने कहा कि परवेज फरार है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव