नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अप्रैल में जिस विमान से दिल्ली से हुबली जा रहे थे, उसमें तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। लेकिन डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ हुआ है कि अगर पायलट तकनीकी खराबी पर काबू नहीं पाते तो राहुल गांधी का विमान अगले 20 सेकंड में क्रैश भी हो सकता था।
बताया गया कि उस दिन राहुल गांधी का चार्टर्ड प्लेन अचानक एक तरफ झुकने लगा था और उसमें से आवाज आ रही थी। विमान तब ऑटो पायलट मोड पर था। इस घटना को कांग्रेस ने साजिश बताया था। राहुल के करीबी कौशल के विद्यार्थी ने कर्नाटक पुलिस से मामले की शिकायत की थी। इसके बाद जांच के लिए एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
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डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘शायद पायलट की गलती के कारण ऐसा हुआ होगा। विमान में कुछ गड़बड़ी आई और वो एक ओर तेजी से गिरने लगा। अचानक एल्टिट्यूड गिरने के कारण विमान आवाज करने लगा। डीजीसीए ने फ्लाइट डाटा रिकॉर्ड और कॉकपिट सिस्टम की भी जांच की है’।
बताया गया कि विमान में जब गड़बड़ी आई तो क्रू ने इसे संभालने में देर कर दी। अगर कुछ सेकेंड के अंदर गड़बड़ी दूर नहीं होती तो प्लेन क्रैश हो चुका होता। इधर अब कांग्रेस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
वेब डेस्क, IBC24