चेन्नई, छह जुलाई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ईके पलानीस्वामी ने सोमवार को पार्टी के कुछ पदाधिकारियों के इस सुझाव का बेहद सौम्य अंदाज में जवाब दिया कि अन्नाद्रमुक से निष्कासित टीटीवी दिनाकरन को पार्टी में वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिनाकरन अब खुद के राजनीतिक दल का नेतृत्व कर रहे हैं और संकेत दिया कि इस तरह के विलय की प्रक्रिया बेहद जटिल है।
पलानीस्वामी ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक की मजबूती और पार्टी संरचना की समीक्षा के लिए सोमवार को 10 जिलों के पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की शुरुआत की। इस बैठक में उन्हें अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) महासचिव दिनाकरन को अन्नाद्रमुक में फिर से शामिल किए जाने का सुझाव दिया गया, जिन्हें 2017 में पार्टी (अन्नाद्रमुक) से निकाल दिया गया था।
दिनाकरन ने 2018 में एएमएमके की स्थापना की थी। वह बाद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए और 2026 के विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक का समर्थन किया।
अन्नाद्रमुक के प्रदेश मुख्यालय में तंजावुर और शिवगंगा जिला इकाई के पदाधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि दिनाकरन अभी अपने राजनीतिक दल का नेतृत्व कर रहे हैं और संकेत दिया कि इस तरह के विलय की प्रक्रिया बेहद जटिल है।
तंजावुर इकाई के एक पदाधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, “बैठक में हममें से ज्यादातर लोगों ने पार्टी महासचिव से कहा कि कावेरी डेल्टा क्षेत्र और दक्षिणी जिलों में अन्नाद्रमुक को मजबूत करने के लिए दिनाकरन को पार्टी में वापस लाया जाना चाहिए।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अन्नाद्रमुक के कई पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए हैं।
पलानीस्वामी नौ जुलाई तक तिरुपत्तूर, रानीपेट, तिरुवल्लूर, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, इरोड, वेल्लोर और तिरुचिरापल्ली जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।
भाषा पारुल सुभाष
सुभाष