केरल में छठी से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों के वितरण में करीब 45 दिनों की हो सकती है देरी

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केरल में छठी से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों के वितरण में करीब 45 दिनों की हो सकती है देरी

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 03:40 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 03:40 PM IST

कोच्चि, 19 मई (भाषा) केरल में सरकारी विद्यालयों के खुलने में अब केवल दो सप्ताह का समय बचा है, ऐसे में कक्षा छठी से आठवीं की पाठ्यपुस्तकों को तैयार होने और वितरण में अभी करीब 45 दिन और लग सकते हैं। इंटक के एक वरिष्ठ नेता और केबीपीएस स्टाफ एंड एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

‘केरल बुक्स एंड पब्लिकेशंस सोसाइटी’ (केबीपीएस) स्टाफ एंड एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष के. के. इब्राहिमकुट्टी ने यहां एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आवश्यक पुस्तकों में से केवल 80 प्रतिशत के करीब ही छपाई हो सकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब पिछली सरकार ने यह दावा किया था कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यालय खुलने से पहले सभी किताबें छात्रों तक पहुंच जाएंगी, उस समय केवल 20 प्रतिशत किताबें ही छपी थीं।

उन्होंने दावा किया, ‘मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रक्रिया में तेजी आई है।’

आंकड़ों का विवरण देते हुए इब्राहिमकुट्टी ने कहा कि कुल 3,57,05,475 पुस्तकों की छपाई होनी है, जिनमें से 18 मई तक केवल 2,85,51,000 पुस्तकें ही छप पाई हैं, जो कि कुल संख्या का 79.96 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि छपी हुई किताबों में से 2,48,95,000 किताबों की बाइंडिंग का काम पूरा हो चुका है।

केबीपीएस अध्यक्ष ने कहा कि अब भी 71,54,476 किताबों की छपाई बाकी है, और कुल मिलाकर लगभग 1.08 करोड़ किताबों की बाइंडिंग होनी शेष है।

केबीपीएस स्टाफ एंड एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष ने बताया कि अब तक केवल कक्षा 10वीं की किताबों का काम पूरा हुआ है, जबकि कक्षा छठी से आठवीं की किताबों को तैयार होने और वितरित होने में काफी अधिक समय लगेगा।

उन्होंने आशंका जताई कि केबीपीएस प्रबंधन द्वारा यह संकट जानबूझकर पैदा किया गया था ताकि सत्ता में आने वाली नयी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी की जा सकें।

इस बीच, विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी ‘संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा’ (यूडीएफ) ने अभी तक अपने मंत्रियों के विभागों और सामान्य शिक्षा विभाग का नेतृत्व करने वाले मंत्री के नाम की घोषणा नहीं की है।

विधानसभा चुनाव से एक महीने पहले तत्कालीन सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की समाप्ति पर विद्यालय बंद होने से पहले सभी राजकीय विद्यालयों में किताबों का वितरण कर दिया जाएगा।

भाषा सुमित रंजन

रंजन