गुवाहाटी, 19 अगस्त (भाषा) असम के होजाई जिले में बुधवार को वन कर्मियों ने रेल पटरी पार कर रहे हाथियों के एक बड़े झुंड को देखकर ट्रेन चालक को सतर्क कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी।
शर्मा ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी यह सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं कि हाथी रेल लाइन के आरपार बने गलियारों से सुरक्षित रूप से गुजर सकें।
शर्मा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने का काम जारी है। असम में रेल लाइन पार करने के लिए हाथियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकांश गलियारों पर वन विभाग के कर्मचारी उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं।”
उन्होंने कहा, “आज सुबह होजाई में भी ऐसा ही हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रेन के चालक को पहले ही सतर्क कर दिया गया, जिससे हाथियों की जान बचाई जा सकी।”
शर्मा ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें हाथियों का झुंड रेल पटरी पार करता दिखाई दिया, जबकि ट्रेन कुछ दूरी पर रुक गई।
यह घटना उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि कोई भी राज्य हाथियों के पारंपरिक मार्गों को बंद नहीं कर सकता और न ही वहां किसी तरह की बाधा खड़ी कर सकता है। अदालत ने कहा कि फसल या संपत्ति को होने वाले नुकसान को वन्यजीवों की आवाजाही रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को देशभर में हाथियों के गलियारों में मौजूद अवरोधों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही, आग के गोले और जलती मशालों जैसे उपायों पर भी रोक लगा दी।
भाषा
प्रचेता अमित
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