गांधीनगर, 18 मार्च (भाषा) गुजरात में बुधवार को बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होने से कुछ देर पहले विधानसभा परिसर में बम रखे होने की धमकी वाला ईमेल मिला। हालांकि जांच के बाद यह अफवाह साबित हुई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया यह धमकी विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर मिली।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पीयूष वांडा ने बताया कि ईमेल में विधानसभा परिसर में बम रखे जाने का दावा किया गया, जिसके बाद सभी कर्मचारियों और विधायकों को परिसर खाली करने के लिए कहा गया।
उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुबह नौ बजे शुरू होनी थी, लेकिन सुबह 8:45 बजे अधिकारियों को इस धमकी के बारे में पता चला।
डीएसपी ने कहा, ‘‘ईमेल के माध्यम से बम की धमकी की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और विस्फोटक पदार्थों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया।’’
सभी विधायक एहतियात के तौर पर परिसर से बाहर चले गए।
गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि तेजा वासमसेट्टी ने एक घंटे बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाए जाने की जानकारी दी।
एसपी ने कहा, “सुबह विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला। हमारे बम रोधक दस्ते ने परिसर की पूरी तरह से जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसलिए, विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू की गई। ईमेल भेजने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।”
सदन की कार्यवाही एक घंटे की देरी के बाद शुरू हुई।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने सदन के सदस्यों को सूचित किया कि जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
चौधरी ने कहा, ‘‘विधानसभा के एक अधिकारी को सुबह धमकी भरा ईमेल मिला, जिसके बाद मेरे अनुरोध पर पुलिस ने परिसर की गहन जांच की। इस दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।’’
विधायकों ने सरकार से इस तरह के ईमेल भेजने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक महेश कसवाला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ तत्व गुजरात के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने पहले स्कूलों, अदालतों और अब विधानसभा को इस तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे हैं। राज्य सरकार ने इस खतरे को गंभीरता से लिया है।’’
कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने भी इस तरह के बार-बार ईमेल भेजने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भाषा यासिर जोहेब
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