मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, वायुसेना ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

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मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, वायुसेना ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

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  • Publish Date - September 15, 2025 / 05:47 PM IST,
    Updated On - September 15, 2025 / 05:47 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, 15 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के बारिश से प्रभावित बीड जिले के बाढ़ग्रस्त इलाके में फंसे 11 लोगों को सोमवार को वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि सेना के जवानों को बाढ़ राहत कार्य के लिए अष्टी तालुका में तैनात किया गया है।

रविवार रात मराठवाड़ा के बीड जिले में भारी बारिश के बाद निचले इलाकों में बाढ़ आ गई, जिसके बाद विभिन्न गांवों में 51 लोग फंस गए। बाढ़ आने के बाद एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘अष्टी तालुका के कड़ा गांव के पास शेरी खुर्द बस्ती में एक परिवार के 11 सदस्य फंसे हुए थे। सोमवार को नासिक से मंगाए गए वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें निकाला गया।’

अधिकारी ने बताया कि पुणे की सेना की एक इकाई अष्टी तालुका में बाढ़ राहत कार्य में जुटी है।

भारी बारिश ने मराठवाड़ा के आठ में से पांच जिलों को जलमग्न कर दिया है, जिससे कई नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में पानी भर गया है।

अधिकारियों ने बताया कि धाराशिव जिले के केशेगांव सर्कल में सोमवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 105 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बीड और छत्रपति संभाजीनगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जबकि नांदेड़, लातूर, धाराशिव, परभणि, हिंगोली और जालना के लिए सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बीड, लातूर, धाराशिव, परभणि और हिंगोली जिलों के 32 राजस्व सर्कलों में भारी बारिश दर्ज की गई। एक दिन पहले, हिंगोली जिले के सात गांवों में तेज बारिश हुई थी। अधिकारी ने बताया कि वासमत के गुंडा गांव की दो महिलाएं बहते पानी में डूब गईं और उनकी मौत हो गई।

भारी बारिश से क्षेत्र की 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में जल भंडार बढ़कर 94.36 प्रतिशत हो गया है। पिछले साल इसी दिन जल भंडार 89.32 प्रतिशत था।

अधिकारियों ने बताया कि दस सिंचाई परियोजनाओं से 1.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से नांदेड़ के विष्णुपुरी बांध से सबसे ज़्यादा 91,854 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

इसी तरह, बीड जिले की मंजारा सिंचाई परियोजना से सोमवार को पांच घंटे में पानी का बहाव बढ़ाकर 17,333 क्यूसेक कर दिया गया। सिंधफना नदी पर बने माजलगांव बांध से चार घंटे में पानी का बहाव 38,651 क्यूसेक से बढ़ाकर 71,248 क्यूसेक कर दिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि पानी छोड़ने के लिए बांध के नौ गेट 2 मीटर तक खोले जाएंगे।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा