हैदराबाद, 31 मार्च (भाषा) वृहद हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) ने यहां तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता के स्वामित्व वाली एक आवासीय इमारत को संपत्ति कर का बकाया नहीं चुकाने पर कुछ समय के लिए जब्त कर लिया। हालांकि, इमारत की देखरेख करने वालों द्वारा भुगतान किये जाने के बाद मंगलवार को निकाय ने संपत्ति पर से अपने नियंत्रण को वापस ले लिया।
जीएचएमसी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया कि श्रीनगर कॉलोनी में स्थित भूतल और चार ऊपरी मंजिलों वाली इमारत को सोमवार को नगर निकाय के अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया था, क्योंकि इसका रखरखाव करने वालों ने कथित तौर पर 2017 से लंबित कर बकाया के संबंध में कई नोटिसों का जवाब नहीं दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने संपत्ति कर के बकाया भुगतान के लिए नोटिस जारी किए, यहां तक कि कई बार परिसर का दौरा भी किया। नियमों के अनुसार, हमें इसे जब्त करना पड़ा, क्योंकि कोई विकल्प नहीं था।’’
अधिकारी ने बताया कि जीएचएमसी द्वारा बकाया संपत्ति कर पर ब्याज में 90 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद, देय संपत्ति कर 82 लाख रुपये से अधिक रहा।
उन्होंने बताया कि इमारत का रखरखाव करने वालों ने जयललिता की मृत्यु (2016 में) के बाद से संपत्ति खाली होने का हवाला देते हुए कर से राहत देने की मांग की थी। अधिकारी के मुताबिक, रियायत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह इमारत जयललिता के नाम पर है और दावेदारों द्वारा आवश्यक सबूत प्रस्तुत करने के बाद इसका स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
संपत्ति के उत्तराधिकार को लेकर कानूनी कार्यवाही चल रही है। हालांकि, यह एक आवासीय इमारत है, लेकिन अतीत में इसे व्यवसायी विजय माल्या की कंपनी को किराए पर दिए जाने के कारण यह अब वाणिज्यिक श्रेणी में आती है।
अधिकारी ने बताया कि विजय माल्या की कंपनी ने 2017 में परिसर को खाली कर दिया था।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप