आलप्पुझा (केरल), 16 मई (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता जी सुधाकरन ने शनिवार को कहा कि वह मंत्री पद की मांग नहीं करेंगे, लेकिन यदि उन्हें पेशकश की जाती है तो वह इसे स्वीकार करेंगे।
पूर्व की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकारों में दो बार मंत्री रह चुके सुधाकरन ने इस वर्ष माकपा की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं किया। उन्होंने इसका कारण जिला नेतृत्व द्वारा किए गए अपमान और अपने तथा अपने परिवार के खिलाफ साइबर हमलों को बताया।
सुधाकरन ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि यूडीएफ की जीत के बाद मंत्रिमंडल में उनके नाम पर विचार किया जा रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा, “इस बारे में किसी ने मुझसे बात नहीं की है। मुझे नहीं पता कि इस पर कोई चर्चा हुई है या नहीं। मैं उस समिति का हिस्सा नहीं हूं जो ऐसे निर्णय लेती है। मैंने कुछ भी नहीं मांगा है।”
सुधाकरन ने कहा कि वे पहले भी दो बार बिना किसी मांग के मंत्री बन चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी डी सतीशन ने शनिवार सुबह उनसे संपर्क किया और उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं रविवार रात तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना होऊंगा।’’
इसी बीच, यूडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित माकपा के पूर्व नेता वी कुन्हीकृष्णन और टी के गोविंदन ने दिन के दौरान तिरुवनंतपुरम में यूडीएफ नेताओं से मुलाकात की।
भाषा प्रचेता शफीक
शफीक