भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंध और सीमा हाट की व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए : संगमा

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भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंध और सीमा हाट की व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए : संगमा

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 06:34 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भारत-बांग्लादेश ने संबंधों को बहाल करने के लिए ‘स्थानीय स्तर’ पर बातचीत शुरू की है। उन्होंने इसी के साथ दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क और व्यापार को फिर से बहाल करने का आह्वान किया।

कॉनराड ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं के एक समूह से बातचीत में कहा कि लोगों को दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सहयोग की याद दिलाना महत्वपूर्ण है, जिसमें कठिन समय के दौरान बांग्लादेश को भारत का समर्थन भी शामिल है।

उन्होंने अधिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पड़ोसी देश में 2024 की राजनीतिक अशांति के बाद बंद किए गए सीमावर्ती हाटों को फिर से खोलने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने भारत और बांग्लादेश के बीच वार्ता से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘यह पहले से ही हो रहा है। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर संवाद हो रहे हैं, लोग बातचीत और चर्चा कर रहे हैं।’’

संगमा 11-12 जून को शिलांग में आयोजित होने वाले उत्तर पूर्व भारत अवसंरचना शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी से संबंधित पूर्वालोकन कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि बांग्लादेश के साथ वर्तमान चरण अस्थायी है, लेकिन दीर्घकाल में हमें बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करना होगा। यह हमारे और बांग्लादेश दोनों के लिए अच्छा है। मुझे विश्वास है कि इसमें अपार संभावनाएं और अवसर मौजूद हैं।’’

संगमा का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से गति देने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें बांग्लादेशी की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से अपदस्थ करने और उसके बाद ढाका में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद तनाव आ गया था।

संगमा ने कहा कि इस क्षेत्र को बांग्लादेश से जोड़ने वाली संपर्क परियोजनाएं पूर्वोत्तर को आर्थिक बढ़त दे सकती हैं।

उन्होंने विशेष रूप से बांग्लादेश में प्रस्तावित परिसर के माध्यम से पश्चिम बंगाल के हिली और मेघालय के महेंद्रगंज के बीच संपर्क का उल्लेख किया और कहा कि चटगांव बंदरगाह तक पहुंच इस क्षेत्र के व्यापार और साजो-समान की ढुलाई में क्रांति ला सकती है।

संगमा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सामान्य आर्थिक गतिविधियां जो पहले हुआ करती थीं, चाहे वह बुनियादी सीमावर्ती हाट हों या पहले होने वाला बुनियादी व्यापार, उन्हें फिर से सक्रिय किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि घुसपैठ और अवैध अप्रवासन से संबंधित चिंताओं को मजबूत सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्रों के जरिये दूर किया जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार आने के बाद सीमा पर बाड़ लगाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर, संगमा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे को लोगों के आपसी संबंधों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बारे में पूछे जाने पर, संगमा ने स्वीकार किया कि यह स्थिति एक बड़ी चुनौती पेश करती है।

कुकी और नगा समुदायों के बीच हाल ही में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए संगमा ने कहा कि स्थिति ‘‘और अधिक जटिल’’ हो गई है। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘‘कुल मिलाकर बेहतर समझदारी कायम होगी’’।

केंद्र की ओर से राजनीतिक स्तर पर अपर्याप्त कोशिश करने के आरोपों को खारिज करते हुए संगमा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और हितधारकों से परामर्श कर रही है, जिसमें उनकी नेशनल पीपुल्स पार्टी जैसी राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं, जिसकी मणिपुर में उपस्थिति है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे केवल मुलाकातों के नजरिए से देखते हैं, लेकिन चिंता व्यक्त करने का एकमात्र तरीका मुलाकातें ही नहीं हैं।’’

संगमा ने कहा कि मणिपुर में हो रहे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार ने उनसे और उनकी पार्टी से व्यापक रूप से परामर्श किया है, जिसमें राष्ट्रपति शासन पर चर्चा भी शामिल है।

भाषा धीरज माधव

माधव