तिरुवनंतपुरम, 23 फरवरी (भाषा) यहां कट्टाकड़ा में ढाई साल की बच्ची की मौत के बाद परिजन ने एक निजी अस्पताल के खिलाफ चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया, जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मृतक बच्ची की पहचान आयशा फातिमा के रूप में हुई है, जो यहां पेरुमकुलम के पुनलाल निवासी सिद्दीक और फसिलत की बेटी थी।
पुलिस के अनुसार, 18 फरवरी को बच्ची को सांस लेने में तकलीफ और भौंह के पास सूजन सहित शारीरिक परेशानी होने लगी।
उसे सबसे पहले आर्यनाड के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने बताया कि अगले दिन फिर से वही लक्षण दिखाई दिए जाने के बाद उसके माता-पिता उसे कट्टाकड़ा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत में सुधार हुआ और वह घर लौट आई।
बच्ची की भौंह के पास सूजन बने रहने के बाद उसके माता-पिता उसे 20 फरवरी को एक नेत्र रोग केंद्र में ले गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार को फिर से लक्षण उभर आने पर बच्ची को दोबारा कट्टाकड़ा के निजी अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ‘नेबुलाइजेशन’ और ‘इंजेक्शन’ दिए जाने के बाद उसे एक अन्य निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर प्रारंभिक उपचार के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिवार ने निजी अस्पताल के खिलाफ चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार को आर्यनाड थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है।
बच्ची के पिता ने सोमवार को दावा किया कि कट्टाकड़ा के निजी अस्पताल में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई।
सिद्दीक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इंजेक्शन लगने के बाद मेरी बच्ची बेहोश हो गई और चिकित्सकों ने उसे सीपीआर दिया। बाद में उसे एम्बुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।’’
अस्पताल प्राधिकारियों ने अब तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अस्पताल अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
भाषा यासिर वैभव
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