नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) केरल का ‘अम्मा मनसु’ कार्यक्रम प्रसवकालीन अवसाद की जांच को नियमित मातृ देखभाल में एकीकृत करने के लिए एक मॉडल के रूप में सामने आया है, जबकि वैश्विक स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली जांच, निदान और अनुवर्ती सेवाओं में कमियां जारी हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गयी है।
‘अम्मा मनसु’ (मदर्स माइंड) कार्यक्रम माताओं की मानसिक देखभाल के लिए एक राज्यव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य प्रसव से पहले और इसके बाद भी मानसिक स्वास्थ्य की नियमित जांच करना और तदनुसार सहायता प्रदान करना है।
‘मैकिन्से हेल्थ इंस्टीट्यूट’ (एमएचआई) के सहयोग से प्रकाशित यह रिपोर्ट, स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मौजूद कमियों को दूर करके सुधार के वास्ते एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करती है।
भाषा शुभम सुरेश
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